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चमोली हादसा: एक साथ जली आठ चिताएं, चारों तरफ मची चीख-पुकार, घरों के नहीं जले चूल्हे

Tue, 15 Oct 2019 08:27 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाल, चमोली
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चमोली हादसे के बाद अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के चमोली में रविवार को बलाण क्षेत्र में हुए मैक्स हादसे के बाद सोमवार को जब मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया तो चारों तरफ बस चीख-पुकार मची रही। एक साथ आठ चिताओं को जलता देख हर कोई भावुक हो उठा। 
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चमोली हादसे के बाद जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
मृतकों का अंतिम संस्कार कैल नदी के किनारे किया गया है। अंतिम संस्कार के लिए क्षत-विक्षत शवों को कैल नदी के किनारे लगाया गया तो परिजन फूट फूटकर रोने लगे। वहां मौजूद हर शख्स की आंख नम थी। 
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चमोली हादसा - फोटो : अमर उजाला
गमगीन माहौल में दुर्घटना में मारे गए जसबीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, मदन सिंह, दरवान सिंह, मदन सिंह, कैलाश सिंह, गोपाल सिंह, धर्म सिंह का नदी के किनारे अंतिम संस्कार किया गया। वहीं दुर्घटना में लापता हुए जयसिंह और एक अन्य का अभी तक पता नहीं चल पाया है। उनकी खोजबीन जारी है।

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चमोली हादसे के बाद जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
हादसे में गांव के बलवंत सिंह ने अपना इकलौता पुत्र खो दिया। सुरेंद्र अपने घर के इकलौते चिराग थे। वे अपने पीछे एक बेटे, पत्नी और बुजुर्ग माता-पिता को छोड़ गये हैं। हादसे के बाद मृतक सुरेंद्र सिंह के घर में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। 
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चमोली हादसा - फोटो : अमर उजाला
घटना ने पिडंरघाटी के लोगों को झकझोर रख दिया। पूरे गांव में बस मातमी चीख पुकार ही सुनाई दे रही है। हादसे के बाद गांव में किसी घर में चूल्हा नहीं जला। हादसे से पहले बलाण गांव के एक व्यक्ति पदम सिंह की देवाल में मौत हो गई थी। इससे बलाण गांव में पहले ही मातम छा गया था। पदम सिंह के घर सांत्वना देने के लिए ग्रामीणों का तांता लगा हुआ था। 
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इसी पहाड़ी से गिरी थी मैक्स - फोटो : अमर उजाला
गांव के लोग पदम सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जीप में रवाना हुए थे, लेकिन उन्हें नहीं मालूम था कि आगे मौत उनका इंतजार कर रही है। गांव से करीब तीन किमी आगे देवाल की तरफ जीप गहरी खाई में जा गिर गई। 
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चमोली हादसा - फोटो : अमर उजाला
समाजसेवी महावीर बिष्ट ने बताया कि यह दुर्घटना भीभत्स थी। महाबीर रविवार को दिनभर राहत एवं बचाव कार्य में प्रशासन के साथ थे। उन्होंने बताया कि थराली और देवाल क्षेत्र में सड़कों की बुरी दशा हादसे का कारण बनती है। जिस प्रकार से मैक्स गाड़ी का पटटा टूटा था और गाड़ी 20 से 30 मीटर तक सड़क में घिसी थी। उससे साफ जाहिर है कि सड़क में जगह-जगह गड्ढे, पत्थर, और मलबे से वाहन हादसे का शिकार हो रहे हैं। 
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