पॉलीटेक्निक की पढ़ाई में आधुनिक और चलन वाली तकनीकों को शामिल करने का फैसला किया गया है।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 6
इसके तहत पहली बार प्रदेश की पॉलीटेक्निक में मोबाइल एप के माध्यम से समानांतर पढ़ाई कराई जाएगी। इसके लिए गढ़वाल और कुमाऊं की दो-दो पॉलीटेक्निक का चयन पायलेट प्रोजेक्ट के तहत किया गया है।
विज्ञापन
3 of 6
छात्र पालीटेक्निक समेत कोई भी कोर्स करता है, तो उसकी जानकारी और दक्षता परखने का माध्यम परीक्षा ही है। शासन की मंशा है कि कोर्स कर रहे छात्रों का मन पढ़ाई में लग रहा? वह कुछ सीख भी रहे हैं? उसकी जानकारी कोर्स के बीच में भी होती रहे। इसके लिए शासन ने मोबाइल एप का सहारा लेने का फैसला किया है।
4 of 6
- फोटो : डेमो पिक
अपर सचिव तकनीकी शिक्षा डॉ. पंकज कुमार पांडेय के अनुसार स्मार्ट फोन करीब सभी के पास हैं, इसके जरिए छात्रों की पढ़ाई पर नजर और रुचि दोनों का पता रखने का निर्णय लिया गया है। जिस तरह आनलाइन कोर्स होते हैं, करीब उसी तर्ज पर मोबाइल एप के माध्यम से पालीटेक्निक के ट्रेड से जुड़ी शैक्षणिक जानकारी छात्रों को उपलब्ध कराई जाएगी। एक अध्याय खत्म होने के बाद सवालों को भी हल करना होगा।
विज्ञापन
5 of 6
mobile app
बाकी क्लास रूम की पढ़ाई सामान्य तौर पर चलती रहेगी। अपर निदेशक तकनीकी शिक्षा आरपी गुप्ता के अनुसार राजकीय पॉलीटेक्निक पित्थूवाला देहरादून, श्रीनगर, काशीपुर और नैनीताल में यह व्यवस्था पायलेट प्रोजेक्ट के तहत लागू की जाएगी। इसमें सिविल और मैकेनिकल ट्रेड को शामिल किया गया है।