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मॉक ड्रिल: 7.7 तीव्रता के भूकंप से डोली धरती, कई फैक्ट्रियों में हुआ गैस रिसाव, तस्वीरों में देखें

Wed, 12 Feb 2020 07:50 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में बुधवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और गृह मंत्रालय की ओर से मॉक ड्रिल की गई। जिसके तहत देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और हल्द्वानी में सुबह 10.30 बजे भूकंप महसूस किया गया। इन चारों जिलों में 40 स्थानों पर भोपाल गैस कांड की तरह का रसायनिक हादसा सामने आया। राज्य का आपातकालीन केंद्र सक्रिय हुआ। फिर भी कई स्थानों पर संबंधित पक्षों को 20 से लेकर 40 मिनट तक की देरी हुई।
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- फोटो : अमर उजाला
दोपहर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी सचिवालय स्थित इमरजेंसी सेंटर में पहुंचे। सीएम ने यहां अधिकारियों से बात की और आपदा की जानकारी ली। आपदा के दौरान कई राहत और बचाव कर्मी बिना गैस मास्क के ही घटना स्थल पर पहुंच गए। प्राधिकरण ने कर्मियों से स्पष्ट कहा कि आपदा में बचाव की बजाय खुद शिकार होने से बचें। हादसे के हिसाब से खुद को सुरक्षित भी रखें। 
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- फोटो : अमर उजाला
भूकंप और सिडकुल हरिद्वार की फैक्ट्री में गैस का रिसाव होने और कई मजदूरों के घायल होने की सूचना से अफरा-तफरी मच गई। आपदा प्रबंधन के अधिकारियों के निर्देश पर आपदा प्रबंधन की टीम ने राहत कार्य शुरु कराया। प्रशासन की ओर से बाटलिंग प्लांट के लिए दो फायर टैंकर के अलावा एनडीआरएफ की 10 तथा एसडीआरएफ की 10 टीमों के अलावा स्वयंसेवी सस्था की 50 टीम भेजी गयी ।

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- फोटो : अमर उजाला
बहादराबाद बाटंलिंग प्लांट में पांच लोगों के घायल होने की सूचना दी गई जिस पर एसडीआरएफ की टीम को राहत बचाव कार्य के लिए भेजा गया। रेस्क्यू टीम द्वारा फंसे हुए मजदूरों तथा घायल व्यक्तियों को उपचार के लिए भूमानंद चिकित्सालय  में भर्ती कराया। 
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- फोटो : अमर उजाला
ऊधमसिंहनगर की सिडकुल फैक्ट्री में भी नुकसान हुआ। पंतनगर के हल्दी क्षेत्र में प्रोपेन गैस के रिसाव से 41 स्कूली बच्चे बेहोश हो गए। शिक्षिकाओ ने तुरंत इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी। ऐसा देखकर प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिसके बाद जिला प्रशासन की टीम ने राहत बचाव कार्य किया। 
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- फोटो : अमर उजाला
ऋषिकेश में हिंदुस्तान नेशनल ग्लास इंडस्ट्रीज लिमिटेड में बुधवार को प्रोपेन गैस का रिसाव होने से अफरातफरी मच गई। सूचना पाकर स्थानीय प्रशासन ने अन्य विभागों के साथ मौके पर पहुंच 125 लोगों को फैक्ट्री से सकुशल बाहर निकाला। वहीं, गैस रिसाव की चपेट में आकर चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बचाव कर एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया। 
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- फोटो : अमर उजाला
सेलाकुई में इंडस्ट्रियल एरिया की लिंडे कंपनी में गैस रिसाव होने की सूचना पर मॉक ड्रिल कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। बुधवार की सुबह साढ़े नौ बजे भूकंप के बाद कंपनी में गैस रिसाव की सूचना फ्लैश की गई। कंपनी प्रबंधन ने इसकी जानकारी जिला आपदा प्रबंधन के साथ ही स्थानीय प्रशासन को दी। कंपनी के कर्मचारियों ने अपने संसाधनों से गैस रिसाव पर कंट्रोल करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नही मिली। 

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- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सलाहकार जेपी दत्ता के मुताबिक सेटेलाइट फोन ऑफिस में रखने के लिए नहीं हैं। अधिकारी फोन अपने पास रखे और इमरजेंसी में इसका उपयोग करें। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल में संचार को लेकर समस्याएं सामने आईं। अधिकारियों को बताया गया कि किसी बड़ी आपदा के आने पर अधिकारी आदेश का इंतजार न करें, बल्कि अपनी तरफ से पूर्व निर्धारित दायित्व के तहत तुरंत सक्रिय हों। 
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- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के वायरलेस नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाए। हेम रेडियो नेटवर्क को भी इसमें शामिल किया जाए। दत्ता के मुताबिक जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन तंत्र और उद्योगों के बीच संचार को और अधिक मजबूत करने की जरूरत भी महसूस हुई है। उद्योग अपना वायरलेस नेटवर्क रखते हैं। इनको अन्य नेटवर्क से जोड़ा जाना चाहिए। 
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