वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में माल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए एक फरवरी से ई-वे बिल अनिवार्य हो गया है।
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ई वे बिल
- फोटो : SOCIAL MEDIA
उत्तराखंड समेत देश के सभी राज्यों में एक फरवरी से ई-वे बिल लागू होगा। जिससे अब बिना ई-वे बिल के न तो राज्य में बाहर से माल आएगा और न ही राज्य से बाहर जाएगा। टैक्स चोरी रोकने के लिए राज्य कर विभाग के अधिकारी चेक पोस्टों पर बिल और माल की चेकिंग करेंगे।
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ई वे बिल
- फोटो : SOCIAL MEDIA
बृहस्पतिवार से ई-वे बिल सिस्टम लागू करने के लिए राज्य कर विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। एक फरवरी से राज्य में बाहर से माल मंगाना व भेजना ऑनलाइन ई-वे बिल से ही संभव हो पाएगा। इसमें आपूर्तिकर्ता व प्राप्त कर्ता व्यापारी के साथ ट्रांसपोर्टरों को ई-वे बिल जनरेटर करना होगा।
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क्राइम
- फोटो : amar ujala
इसमें ऑनलाइन ही सामान का कोड, जीएसटीएन नंबर, वाहन नंबर आदि जानकारी देनी होगी। यदि कोई व्यापारी व ट्रांसपोर्टर बिना ई वे बिल के माल ट्रांसपोर्ट करता है तो उसके खिलाफ भारी जुर्माने का प्रावधान है। व्यापारियों की सुविधा के लिए राज्य कर विभाग ने हेल्प डेस्क स्थापित किया है। इसमें विधिक व तकनीकी से संबंधित समस्याओं का समाधान होगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
टैक्स चोरी रोकने को होगी माल की चेकिंग
ई-वे बिल लागू होने के बाद पूरे प्रदेश में राज्य कर विभाग के अधिकारी चेक पोस्टों पर माल की सघन चेकिंग करेंगे। बिना बिल के माल ट्रांसपोर्ट करने पर व्यापारियों के साथ ट्रांसपोर्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी। राज्य कर विभाग की 19 मोबाइल टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में बाहर से आने-जाने वाले सामान की तलाशी लेंगे। विभाग की ओर से मुख्य कर अधिकारियों को आनलाइन ई-वे बिल की चेकिंग करने के लिए लैपटाप दिए गए।
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call
तीन जिलों में हेल्प डेस्क स्थापित
ई-वे बिल को लेकर व्यापारियों व ट्रांसपोर्टरों की दिक्कतों को दूर करने के लिए देहरादून राज्य कर मुख्यालय समेत हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर में हेल्प डेस्क स्थापित की गई। जिसमें 24 घंटे की सेवा उपलब्ध होगी। वीरवार से हेल्प डेस्क शुरू होगा। इसके लिए अधिकारियों की रोस्टर के आधार पर ड्यूटी तय की जाएगी। हेल्प डेस्क के लिए टोल फ्री नंबर 18002742277 पर व्यापारी व ट्रांसपोर्टर संपर्क कर सकते हैं।
13 हजार से ज्यादा व्यापारियों ने किया रजिस्ट्रेशन
जीएसटी प्रणाली में माल ट्रांसपोर्ट करने के लिए ई-वे बिल अनिवार्य है। राज्य के करीब 13 हजार से अधिक व्यापारियों व 158 ट्रांसपोर्टरों ने ई-वे बिल में रजिस्ट्रेशन कराया है। एक जनवरी से लेकर अब तक तीन लाख से ज्यादा ई-वे बिल जनरेटर किए गए। उत्तराखंड में राज्य कर विभाग ने एक जनवरी से ट्रायल के आधार पर ई-वे बिल सिस्टम को शुरू किया।
एक फरवरी से पूरे देश में ई-वे बिल लागू होगा। राज्य में इस सिस्टम को लागू करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बृहस्पतिवार से विभाग के अधिकारी चेक पोस्टों पर माल की चेकिंग करेंगे। व्यापारियों व ट्रांसपोर्टरों की कठिनाईयों का समाधान करने के लिए हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। जिसमें 24 घंटे की सेवा उपलब्ध रहेगी। -सौजन्या, आयुक्त, राज्य कर विभाग