फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dussehra: उत्तराखंड में दशहरे की धूम, श्रीराम के अग्निबाण से जल उठा अहंकारी रावण, सीएम भी पहुंचे, तस्वीरें

Thu, 02 Oct 2025 05:59 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून

सार

Dehradun Dussehra 2025: देहरादून में रावण दहन से पहले ही बारिश शुरू हो गई। वहीं, बारिश हल्की होने पर सीएम पुष्कर सिंह धामी परेड मैदान पहुंचे। 
विज्ञापन
1 of 5
दशहरे की धूम - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में आज दशहरा पर परेड ग्राउंड में रावण दहन का मुख्य आयोजन हुआ। यहां 121 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया था। वहीं, प्रदेशभर में विजयदशमी की धूम है। लेकिन बारिश ने इस उल्लास में खलल डाल दी। हरिद्वार और देहरादून में रावण दहन से पहले ही बारिश शुरू हो गई। वहीं, बारिश हल्की होने पर सीएम पुष्कर सिंह धामी परेड मैदान पहुंचे। पहले लंका दहन किया गया और उसके बाद रावण दहन हुआ।

Uttarakhand: रामपुर तिराहा कांड के शहीदों को सीएम ने दी श्रद्धांजलि, बोले-शहीद स्थल का किया जाएगा री-डेवलपमेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज विजयदशमी पर्व पर भगवान इंद्र भी प्रत्यक्ष रूप से हमारे बीच आ गए है। बुराई के रूप में अन्याय के रूप में अहंकार के रूप में हर साल रावण जलाया जाता है।
विज्ञापन

2 of 5
देहरादून में दशहरे की धूम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हम सभी को श्रीराम के जीवन से सीखना चाहिए कि उन्होंने अपने जीवन में अनेक परेशानी झेली, लेकिन अपने मार्ग से नहीं भटके। उनका जीवन सिखाता है कि अपने मन में करुणा, प्रेम भाव रखना है। विजयदशमी पर संकल्प ले कि विकसित भारत के संकल्प में योगदान देना हैं।
विज्ञापन

3 of 5
देहरादून में दशहरे की धूम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कहा कि दशहरे का पर्व न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य हिस्सा है बल्कि यह पर्व हमें मानव जीवन में धर्म, सत्य और मर्यादा के महत्व का बोध भी कराता है। यह हमें रावण जैसे अहंकारी और अधर्मी के अंत और भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन के गुणों का स्मरण कराता है।

4 of 5
देहरादून में दशहरे की धूम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दशहरे का पर्व हमें ये संदेश देता है कि अधर्म, अन्याय और अहंकार चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, अंततः उसकी हार निश्चित है। रावण के पास अपार बल, सोने की लंका और शक्तिशाली सेना थी, लेकिन वह अपने अहंकार और अधर्म के कारण पराजित हुआ। यह त्योहार हमें सिखाता है कि अहंकार की ज्वाला स्वयं उस व्यक्ति का नाश करती है, जिसके भीतर अहंकार होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
देहरादून में दशहरे की धूम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमें यहां सिर्फ पुतला दहन नहीं करना है, बल्कि इस त्योहार से प्रेरणा लेकर हम सभी को अपने अंदर की बुराइयों का त्याग कर सत्य, धर्म और मानवता की राह पर चलने का संकल्प भी लेना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें