गणेश चतुर्थी पर अगर इस बात का ध्यान नहीं रखा तो आप भरपूर भक्ति और आराधना करने के बाद भी कलंक के भागी बन जाएंगे।
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गणेश प्रतिमा को अंतिम रूप देते कारीगर
- फोटो : amar ujala
शास्त्रों के अनुसार एक बार गणेश जी का स्वरूप देखकर चंद्रमा हंसे थे। इससे गणेश जी नाराज हो गए और उन्होंने चंद्रमा को श्राप दे दिया कि आज से जो भी तुम्हे देखेगा उसे झूठा कलंक लगेगा। तब चंद्रमा ने गणेश जी की पूजा की और तब गणेश जी ने भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को चंद्र दर्शन निषेध किया।
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गणेश प्रतिमा को अंतिम रूप देते कारीगर
- फोटो : amar ujala
माना जाता है कि यदि कोई भूलवश इस दिन चंद्रमा का दर्शन कर लें तो उसे कलंक से बचने के लिए भागवत के 56 और 57 अध्याय दशम स्कंध की कथा श्रवण करनी चाहिए।
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गणेश प्रतिमा
- फोटो : amar ujala
पंडित संजय खंकरियाल के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने चतुर्थी भाद्रपद को चंद्रमा का दर्शन किया तो उन्हें स्यमंतक मणि की चोरी का कलंक लगा। शुक्रवार को भी यदि आपने चंद्र दर्शन किए तो कलंक के भागी बन सकते हैं। मान्यता अनुसार इस दिन चंद्र दर्शन को निषेध माना जाता है।
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गणपति
- फोटो : अमर उजाला
वहीं शहरभर में बप्पा के स्वागत की तैयारियां हो चुकी हैं और शुभ समय में ही गणेश जी की मूर्ति स्थापना की जाएंगी। नदियों में मूर्तियों का विसर्जन किए जाने के लिए ईको-फ्रैंडली गणपति जी की खरीदारी ही अधिकतर की जा रही है।
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ganesha
शुक्रवार को बप्पा पंडालों में विराजेंगे। 11वें दिन उनकी मूर्तियों का विसर्जन होगा। दस दिनों तक पंडालों में लालबाग के बादशाह की धूम रहेगी। इस दौरान अबीर-गुलाल खेल गणपति को पंडाल तक लाया जाएगा। इसके लिए गुब्बारों, फूलों से पंडाल सजा दिए गए हैं। इसके साथ ही सभी पंडालों में मिट्टी के गणपति विराजेंगे। नदियों में मूर्ति विसर्जन करने को लेकर ईको-फ्रैंडली गणपति जी लाए जा रहे हैं। कहीं लालबाग के राजा पहुंचे हैं तो कहीं कलकत्ता के कलाकारों ने मूर्तियां तैयार की हैं।
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गणेश चतुर्थी महोत्सव
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
ये है शुभ मुहूर्त
सुबह 9.18 मिनट से 9.55 मिनट तक
दोपहर 12.20 मिनट से 12.45 मिनट तक
मध्याह्न 2.36 मिनट से 4.42 मिनट तक
गणेश चतुर्थी पर आज निकलेगी छह शोभायात्रा
गणेश चतुर्थी के अवसर पर देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर छह शोभायात्राएं निकलेंगी। इनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने के चलते यातायात बाधित हो सकता है। लिहाजा भीड़ बढ़ने की स्थिति में ट्रैफिक पुलिस रूट डायवर्ट कर सकती है। शुक्रवार सुबह 10 बजे सहारनपुर रोड स्थित एक वेडिंग प्वाइंट से शोभायात्रा निकलेगी। दूसरी शोभायात्रा प्राचीन शिव मंदिर धर्मपुर से निकलेगी। सुबह 10 बजे ही तीसरी शोभायात्रा बिंदाल पुल से शुरू होगी। चौथी शोभायात्रा सुबह शिवाजी धर्मशाला से निकलेगी। पांचवीं शोभायात्रा सुबह 11 बजे धामावाला बाजार से निकलेगी। छठवीं शोभायात्रा मातावाला बाग से निकलेगी।