इन दिनों मां दुर्गा के पूजन का पर्व चरम पर है। मदिंर क्या घरों में भी नवरात्रि पर उत्सव का माहौल है। पूजा-अर्चना का दौर जारी है। आइए आपको बताते हैं कुछ ऐसे मंत्रों के बारे में जिन्हें जपने से मां की अपार कृपा बरसती है।
नवरात्र के पहले दिन शैलपुत्री देवी की पूजा होती है।
वन्दे वांछितलाभाय चन्द्रार्घतशेखराम।
वृषारुढ़ा शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीम् ।।
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नवरात्रि
- फोटो : SELF
दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। इस दिन इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू ।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा ।।
नवरात्र के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा देवी की पूजा होती है। इस दिन इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता ।
प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥
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चौथे दिन की मां कुष्मांडा देवी की पूजा होती है। इस दिन इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
रूधिराप्लुतमेव च ।
दधानां हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ।।
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पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। इस दिन इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया ।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी ।।
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छठे दिन मां दुर्गा के छठे रूप यानी कात्यायनी की पूजा-अर्चना होती है। इस दिन इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
चन्द्रहासोज्वलकरा शार्दूलवरवाहना ।
कात्यायनी शुभं दघाद्देवी दानवघातिनी ।।
सातवें दिन मां के सातवें स्वरूप कालरात्रि की पूजा होती होती है। इस दिन इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी ।
वामपदोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी ।।
आठवें दिन महागौरी देवी की पूजा होती है। इस दिन इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
समारूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचि: ।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोदया ।।
नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है। इस दिन इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
सिद्धगंधर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि ।
सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी ।।