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यहां दंपती कर रहे नवजात बच्ची को अस्पताल में छोड़ने की बात, क्या है पूरा मामला पढ़िए...

Tue, 19 Mar 2019 11:13 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी पहुंची थीं अस्पताल - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
बच्ची को अस्पताल में छोड़ने की बात कहने वाले दंपती का आरोप है कि अस्पताल और पुलिस मामले में जानबूझकर देरी कर रहे हैं। दून महिला अस्पताल में बच्चा बदलने के मामले में बच्ची को ले जाने वाले दंपती ने कहा है कि अगर मंगलवार तक डीएनए रिपोर्ट नहीं मिली तो वह बच्ची को अस्पताल में छोड़ आएंगे। 
 
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गत बुधवार को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने डीएनए जांच के लिए पुलिस और अस्पताल के अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों नवजातों और उनके माता-पिता के सैंपल दिलाए थे। इन सैंपलों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेज दिया गया था।
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दून महिला अस्पताल
उसके बाद औपचारिकताएं पूरी कर दोनों प्रसूताओं को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। जिस प्रसूता के पास बच्ची है उसे डीएनए रिपोर्ट आने तक उसका पालन-पोषण करने के निर्देश दिए गए थे। आयोग की अध्यक्ष ने डीएनए रिपोर्ट के लिए एक सप्ताह का समय दिया था।

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नवजात बच्ची - फोटो : अमर उजाला
अब हाल ये है कि परिजन बच्ची की परवरिश करने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि उन्हें उनका बच्चा चाहिए। उनका आरोप है कि अस्पताल और पुलिस मामले में जानबूझकर देरी कर रहे हैं।
 
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स्वेता चौबे - फोटो : amar ujala
साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि अगर मंगलवार को डीएनए रिपोर्ट नहीं मिली तो वह बच्ची को अस्पताल में छोड़ आएंगे। उधर, अस्पताल के सीएमएस डॉ. केके टम्टा और एसपी सिटी स्वेता चौबे का कहना है कि अभी लैब से डीएनए जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। जैसे ही जांच रिपोर्ट मिल जाएगी, दोनों परिवारों को बुलाकर अवगत करा दिया जाएगा। 
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