दून मेडिकल कॉलेज
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दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया, अस्पताल में कैथ लैब बनने से हार्ट के मरीजों को नई जिंदगी मिल रही है। यहां दिल के मरीजों की सर्जरी हो रही है। रेफर नहीं करना पड़ रहा है। करीब 18 एंजियोप्लास्टी हो चुकी है। वहीं डॉ. अमर ने बताया, एंजियोप्लास्टी के बाद भी कुछ मरीजों की जान नहीं बच पाती है। इसके लिए जरूरी है कि मरीज सही समय पर अस्पताल पहुंचे।