डॉक्टर और मरीज के बीच का रिश्ता को यदि समझना हो तो दून अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती 15 वर्षीय अज्ञात किशोर मोगली को देख लीजिए। 20 दिन पूर्व इस किशोर को कोरोनेशन अस्पताल से लेकर इमरजेंसी में लाकर छोड़ दिया गया। हाथ-पैरों में गंभीर जख्म होने की वजह से डॉक्टरों ने दून अस्पताल के बर्न वार्ड में उसको भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया।
डॉक्टर-मरीज के इस रिश्ते ने आज दोस्ती का रूप ले लिया। डॉक्टर मोगली का वीआईपी मरीज की तरह ख्याल रख रहे हैं। डॉक्टरों की इस सेवा का नतीजा यह है कि आज यह किशोर 80 प्रतिशत स्वस्थ हो चुका है।
दरअसल, 27 सितंबर को दून अस्पताल की इमरजेंसी में कोरोनेशन से एक एंबुलेंस पहुंची थी, इसमें वहां से इस किशोर को गंभीर हालत से रेफर किया गया था। एंबुलेंस का स्टाफ इसे छोड़कर चला गया था। इसके साथ न कोई तीमारदार था और न इस किशोर का नाम-पता किसी को पता था।