कलश के अंदर चंदन, दूर्वा, पंचरत्न, सुपारी, आम या केले के पत्ते डालकर मौलि से बंधा नारियल उसमें रखें। दो बड़े दीये में देशी घी व 11 छोटे दीये में सरसों का तेल भरकर तैयार करें। ध्यान रहे कि पूजा की तैयारी शुभ मुहूर्त से पहले ही हो जाए। शुभ मुहूर्त शुरू होने पर परिवार के सभी सदस्यों का आसन में बैठना आवश्यक है।