छोटी दिवाली पर कई सालों बाद इस बार विशेष शुभ मुहूर्त पड़ रहा है। शनिवार और चतुर्दशी का संयोग तंत्र-मंत्र-यंत्र साधना के लिए बहुत ही उत्तम है। शनिवार को चार मुख का दीपक दरवाजे पर जलाने से समृद्धि प्राप्त होगी।
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ज्योतिषाचार्य पंडित सुशांतराज के अनुसार, बड़ी दिवाली यानी लक्ष्मी पूजन 27 अक्तूबर को किया जाएगा। लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 6.42 से 8.11 तक रहेगा। व्यापारियों के लिए बहीखाता पूजन का मुहूर्त सायंकाल 6.33 से 8.18 तक रहेगा।
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- फोटो : अमर उजाला
दिवाली पर दीपक जलाते समय 'ओम शुभम भवतु कल्याणम आरोग्यम सुख संपदा मन बुद्धि प्रकाशाय दीप ज्योति नमोस्तुते'... मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
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घर में सुख-समृद्धि बनी रहे और मां लक्ष्मी स्थिर रहें इसके लिए दिनभर मां लक्ष्मी का उपवास रखकर सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल के दौरान स्थिर लग्न (वृषभ लग्न को स्थिर लग्न माना जाता है) में मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। लग्न व मुहूर्त का समय स्थान के अनुसार ही देखना चाहिए।
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दिवाली पर शुभ मुहूर्त
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 18:42 से 20:11
प्रदोष काल- 17:36 से 20:11
वृषभ काल- 18:42 से 20:37
अमावस्या तिथि आरंभ- 12:23 (27 अक्तूबर)
अमावस्या तिथि समाप्त- 09:08 (28 अक्तूबर)
दीवाली का चौघड़िया मुहूर्त
शुभ की चौघड़िया: सुबह 5:40 से 7:16 तक होगी
अमृत की चौघड़िया - शाम 7:16 से रात 8:52 तक
तीसरे चर की चौघड़िया- रात 8:52 से 10:28 तक प्राप्त हो रही है जबकि रात 1:41 से 3:17 तक
लाभ की चौघड़िया- रात 1:41 से 3:17 तक