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शिक्षा की लौ जलाने के लिए शुरू की ऐसी पहल कि एक साधारण महिला से बन गईं मिसाल

Fri, 08 Sep 2017 08:46 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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ऊषा
उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग के डीएम मंगेश घिल्डियाल की पत्नी ऊषा घिल्डियाल से जो भी मिलता है उनकी तारीफ किए बिना नहीं रहता। वह अपने आप में एक मिसाल हैं। ग्रामीण बच्चों की शिक्षा के लिए वह प्रयासरत हैं। जिसके लिए स्‍थानीय लोग उनकी प्रशंसा करते हैं।

 
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usha ghildiyal
शिक्षक न होते हुए भी ऊषा बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करती हैं। बालिका इंटर कालेज रुद्रप्रयाग के बाद बीते एक पखवाड़े से प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 4 व 5 के बच्चों को पढ़ा रही हैं। गणित, विज्ञान, अंग्रेजी के साथ-साथ बच्चों को राजीव गांधी व जवाहर नवोदय सहित सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करा रही हैं।

 
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usha ghildiyal
गोविंद बल्लभ पंत कृषि विवि पंतनगर से प्लांट पैथोलॉजी में डाक्टरेट उपाधी धारक व सीनियर वैज्ञानिक रही उनकी पत्नी उषा घिल्डियाल अपने ज्ञान को स्कूलों में बच्चों के साथ साझा कर उसे नया रूप दे रही हैं। उन्होंने, राबाइका रुद्रप्रयाग में कक्षा 10वीं की छात्राओं को विज्ञान पढ़ाई। इस दौरान उन्होंने पाठ्यक्रम के साथ बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी प्रेरित किया।

 

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usha ghildiyal
व‌ह रोजाना सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक स्कूल में उन्होंने नियमित 4 से 5 कक्षाएं छात्राओं को पढ़ाई। प्रधानाचार्या डा. ममता नौटियाल, एनएस प्रभारी अंजू कुमेड़ी व अन्य शिक्षिकाओं का कहना है कि घिल्डियाल ने सवा माह में जिस तरह से छात्राओं को पढ़ाया, वह अतुलनीय है। इसके बाद अब वह मुख्य बाजार स्थित प्राइमरी स्कूल में कक्षा 4 व 5वीं के बच्चों को पढ़ा रही हैं।

 
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dm mangesh ghildiyal and usha
यहीं नही, हर हफ्ते किसी न किसी ज्वलंत विषय, मसलन साफ-सफाई, पर्यावरण, दहेज, बालिका शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा, पलायन, जल, जंगल और जमीन जैसे विषयों पर वाद-विवाद भी करवा रही हैं, जिससे बच्चे किसी भी मंच पर इन विषयों के बारे में बता सके। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में वह ग्रामीण स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाएंगी। प्रधानाध्यापिका गोदांबरी बिंदोला का कहना है कि वे शिक्षिका की भांति नियमित स्कूल समय पर पहुंचती और बच्चों को पढ़ाने में तल्लीन हो जाती हैं। शिक्षणेत्तर गतिविधियों के जरिए भी वे पढ़ाई को रोचक बनाती हैं।
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