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देवभूमि बेहालः कहीं हुआ वज्रपात तो कहीं आ गई बाढ़, तस्वीरों में देखें तबाही

Thu, 25 Aug 2016 08:07 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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disaster due to heavy rain in uttarakhand - फोटो : amar ujala
राजधानी देहरादून में मूसलाधार बारिश से सुबह की शुरुआत हुई। तड़के शुरू हुई बारिश साढ़े आठ बजे तक लगातार होती रही।
वहीं उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश का कहर जारी है। बारिश से जहां एक ओर मौसम सुहावना हो गया, वहीं दून की सड़के तालाब बन गई। मौसम विभाग ने फिलहाल प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी है। मरोड़ा गांव में बादल फटने के बाद मची तबाही के बाद इस तरह टूट गए हैं रास्ते और पुलिया।
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- फोटो : अमर उजाला
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मंगलवार को प्रदेश में अनेक स्थानों पर बारिश हुई। राजधानी में भी दिन भर बादल छाए रहे। हालांकि दिन में बारिश नहीं हुई, लेकिन बादलों की वजह से तापमान में करीब दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। जहां सोमवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री था, वहीं मंगलवार को यह गिरकर 31.8 डिग्री पर आ गया।
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disaster due to heavy rain in uttarakhand
पोखरी (चमोली) में जोरदार बारिश के दौरान हुए नैल गांव में वज्रपात से दो महिलाएं झुलस गई हैं। हालांकि घटना में घायल महिलाओं को पोखरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। चिकित्सकों ने दोनों महिलाओं की स्थिति सामान्य बताई है। सोमवार को देर शाम नैल गांव निवासी गौर सिंह की पत्नी ऊमा देवी और रघुनाथ सिंह की पत्नी लखमा देवी देर शाम जंगल से घास लेकर घर लौट रही थी। भारी बारिश के कारण वे रास्ते में ही एक पेड़ के नीचे रुक गई, इसी दौरान अचानक हुए वज्रपात से दोनों महिलाएं झुलस गई।

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disaster due to heavy rain in uttarakhand
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर खाट गांव के नीचे पहाड़ी को काटकर इस तरह से बनाई जा रही है सड़क।
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कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर आए मलबे को हटाती जेसीबी।
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रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर खाट गांव के नीचे भूस्खलन प्रभावित जोन मेंं पहाड़ी को काटकर इस तरह से बनाई जा रही है सड़क। पिछले आठ दिन से फाटा भी नहीं पहुंच पा रहे वाहन। 
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पौड़ी जिले के पाबौ ब्लॉक के समीप बादल फटने से उफान पे गधेरे।

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विकासनगर के जीवनगढ़ स्थित सिद्किया मदरसे में बारिश का पानी घुस गया। पानी की निकासी न होने से छात्रों को रातभर जगना पड़ा। अगले दिन सुबह नहर का चैंबर खोलने पर पानी की निकासी हो सकी। सोमवार की शाम हुई तेज बारिश से मदरसे में पानी घुसने से छात्रों की किताबें, खाने-पीने का सामान, दरी और टाट पट्टियां भी भीग गईं। हर जगह पानी होने से छात्रों को पूरी रात जाग कर काटनी पड़ी। सुबह होने पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किसी तरह पास बह रही नहर का चैंबर खोला, तब पानी की निकासी हो सकी।

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कर्णप्रयाग- ग्वालदम मोटर मार्ग के नारायणबगड़ बाजार में गिरी चट्टान।

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भारी बार‌िश से उफान पर ऊहल नदी - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के रीठा साहिब में लधिया नदी के तेज बहाव में दो युवक बह गए। इनसे से एक की अस्पताल में मौत हो गई। मंगलवार को गोलडांडा ग्राम पंचायत के नौलियागांव के डूंगर सिंह (34) पुत्र पान सिंह अपने साथी गणेश सिंह के साथ श्रीरीठा साहिब के सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से राशन लेकर लौट रहा था। लधिया नदी पार करते वक्त दोनों इसके तेज बहाव में बह गए। ग्रामीण कृपाल सिंह, मुकेश बोहरा, स्वर्ण सिंह आदि ने गणेश सिंह और डूंगर को नदी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया जहां डूंगर की मौत हो गई।
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debris
उधर,  डीडीहाट और अस्कोट क्षेत्र में सोमवार रात मूसलाधार बारिश से  पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच पर कई जगह मलबा पट गया। इस कारण यहां सोमवार रात 12 बजे से मंगलवार सुबह आठ बजे तक यातायात बंद रहा। पिथौरागढ़-तवाघाट सड़क पर इस बार बारिश के चलते कम से कम 20 बार बंद हो चुकी है। उधर, बागेश्वर जिले के अलग-अलग गांवों में आठ मकान बारिश के चलते ध्वस्त हो गए।  वहीं, कपकोट के तोली गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक जानवर की मौत हो गई।
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