दीपावली से पहले धनरेसर के दिन खरीदारी करना शुभ माना जाता है। इस बार आपको शुभ मुहूर्त में खरीदारी के लिए सिर्फ 48 मिनट का समय मिलेगा। ऐसे में आप अपनी राशि के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं।
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आचार्य सुशांत राज ने बताया कि धनतेरस के दिन धन के देवता कुबेर और आयुर्वेद के प्रणेता भगवान धनवंतरी के पूजन के साथ इस कुछ नई चीज खरीदने का खास महत्व होता है। शास्त्रों में वर्णित कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन भगवान धनवंतरी अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए।
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कहते हैं कि भगवान धनवंतरी श्रीविष्णु के अंशावतार हैं। उनके प्रकट होने के उपलक्ष्य में ही धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। उनके हाथ में कलश था, इसलिए बर्तन खरीदने की परंपरा चल पड़ी। प्रदोष काल मंगलवार शाम सात बजकर 54 मिनट पर शुरू होगा और आठ बजकर 42 मिनट तक रहेगा। यानी शुभ मुहूर्त में खरीदारी के लिए 48 मिनट का वक्त होगा।
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इस दिन दिन ढलने के बाद मिट्टी के दीये को रखकर उसमें तिल भरें और फिर दीप प्रज्ज्वलित करें। दीये को दक्षिण दिशा में रखकर पवित्र मन से दीपदान करें। इससे यमराज प्रसन्न होते हैं। साथ ही भगवान कुबेर और धनवंतरी को खीर का भोग लगाएं। पुष्प, अबीर, गुलाल, रोली अर्पण करें। इसके बाद एक दीपक को घर के दरवाजे पर भी रखें।