इस बार धन तेरस और छोटी दिवाली 13 नवंबर को एक साथ पड़ रही है। आचार्य पं. सुनील पैन्यूली ने बताया कि खरीदारी के लिए दो मुहूर्त सबसे ज्यादा शुभ है। पहला मुहूर्त सुबह सात बजे से 10 बजे तक है जबकि, दूसरा शुभ मुहूर्त दोपहर एक बजे से 2:30 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त भी सूर्योदय से लेकर शाम छह बजे तक खरीददारी की जा सकती है।
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- फोटो : फाइल फोटो
धन तेरस से ही पंचपर्व की तैयारियां शुरू हो जाती है। सदियों से इस दिन धातुओं को खरीदने की परंपरा चली आ रही है। पुराणों में पृथ्वी को लक्ष्मी स्वरूपा कहा गया है। धातुएं पृथ्वी के गर्भ से उत्पन्न होती है। इसलिए धातुओं में लक्ष्मी का स्थायी वास होता है। कहा कि इस दिन शुभ मुहूर्त में धातु खरीदने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। वही, राशि के अनुसार खरीदारी करना भी शुभ होता है।
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- फोटो : फाइल फोटो
मेष: तांबे के बर्तन, खाना बनाने वाले पात्र। वृष: चांदी के बर्तन, ट्रे, टी शेट, सजावटी थाल। मिथुन: कांसे के पात्र, जूस, लस्सी पीने वाले व औषधि पात्र । कर्क: चांदी के बर्तन, पानी के उपयोग वाले पात्र, जग ।
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सिंह: सोने व तांबे के पात्र, हॉटकेस, चाय व सूप पीने वाले बर्तन। कन्या: कांसे और पीतल के बर्तन, अचार, हींग रखने वाले पात्र। तुला: चांदी के पात्र, सजावटी पात्र, मेवे रखने के पात्र । वृश्चिक: तांबे के पात्र, तवा, पानी की टंकी, जलपात्र ।
धनु: सोना, पीतल के पात्र, चाय, सूप पीने के बर्तन । मकर: अष्टधातु, पंचधातु से बने पात्र, स्टील के पात्र । कुभ: अष्टधातु, पंचधातु से बने पात्र, स्टील के पात्र । मीन: सोने व पीतल के पात्र, पानी के वाले पात्र, जग।