निशीथ काल रात्रि 08 बजे से रात 10.50 बजे तक होगा। अमृत मुहूर्त रात 10.30 बजे से होगा। इसमें महालक्ष्मी पूजन, कनक धारा पूजन, लक्ष्मी की विशेष पूजा की जा सकती है। ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि रात 8.50 से आधी रात बाद 1.33 बजे तक महानिशीथकाल माना जाएगा।