डेमो
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गोधूली बेला का वर्णन प्रत्येक दिन दो समय किया गया है। यह मुहूर्त सीधे-सीधे गाय के वनों में जाने और सायंकाल चरकर वन लौटने से संबंधित रहा है। प्रात:काल जब गाय चरने के लिए वनों को जाती है, तब धूल उड़ती है। इसे प्रात:कालीन गोधूली लगन कहा गया है। दक्षिण भारत में तमाम विवाह प्रात:काल के गोधूली लगन में ही होते हैं। उत्तर और मध्य भारत के विवाह सायंकाल के गोधूली लगन में आयोजित किए जाते हैं।