पहाड़ों की रानी मसूरी में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश से भारी तबाही हुई है। लगातार दूसरे दिन भी मसूरी-देहरादून मार्ग कई जगहों पर भूस्खलन और मलबा गिरने के कारण बंद है जिससे सैकड़ों पर्यटक और स्थानीय लोग रास्ते में फंसे हुए हैं। सड़क बंद होने से दूध, सब्जी और राशन जैसी जरूरी चीजों की आपूर्ति रुक गई है जिससे शहर में आवश्यक वस्तुओं की कमी होने लगी है।
बारिश ने कई आवासीय भवन, होटल और रेस्टोरेंट के साथ ही वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। कई परिवार बेघर हो गए हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है, लेकिन लगातार बारिश के कारण मुश्किलें बनी हुई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम राहुल आनंद और नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर पूरी तरह से बंद है। शिव मंदिर, कोल्हूखेत, गलोगी, चुनाखाला-झड़ीपानी और पानी वाला बैंड के पास भारी भूस्खलन और मलबा आने से सड़क पूरी तरह से अवरुद्ध हो गई है। गलोगी के पास सड़क का एक बड़ा हिस्सा टूट गया है और इसमें गहरी दरारें आ गई हैं।
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इसके अलावा, मसूरी के भट्टा गांव-बारलोगंज मार्ग और झड़ीपानी-चुनाखाला मार्ग पर निर्मला इंटर कॉलेज के पास भी सड़क धंस गई है जिससे भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से रुक गई है। सड़क बंद होने से पर्यटक वाहनों के साथ ही स्थानीय लोगों के वाहन भी बड़ी संख्या में फंसे हुए हैं। धनोल्टी और जौनपुर क्षेत्र से आने वाली सब्जियों से लदे वाहन भी फंसे हैं जिससे किसानों की फसलें खराब होने का खतरा बढ़ गया है।