दुनिया की सात सबसे ऊंची चोटियां फतह करने का अनोखा रिकॉर्ड बनाने के बाद दून की जुड़वा बहनों ताशी-नुंग्शी ने एक और वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
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ताशी-नुंग्शी
- फोटो : facebook
दोनों बहनों ने न्यूजीलैंड की सबसे ऊंची और खतरनाक पर्वत चोटी माउंट कुक (3,724 मीटर) पर भी तिरंगा फहरा दिया है। नुंग्शी-ताशी यह कामयाबी हासिल करने वाली दुनिया की पहली जुड़वा बहनें हैं।
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tashi and nungshi malik
दून के जोहड़ी गांव निवासी कर्नल विरेंद्र सिंह मलिक (सेवानिवृत्त) की दोनों बेटियां इसके पहले दुनिया की सात सबसे ऊंची चोटियों (सेवेन समिट्स) पर चढ़ाई करने वाली दुनिया की पहली जुड़वा बहन होने का गिनीज रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी हैं।
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tashi and nungshi malik
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इसके साथ ही दोनों ध्रुवों (नार्थ और साउथ पोल) पर तिरंगा फहराकर एक बार फिर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया। ताशी और नुंग्शी की उपलब्धियों में सबसे कम उम्र में एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम (लास्ट डिग्री) पूरा करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है।
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ताशी-नुंग्शी
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एवरेस्ट ट्विन नाम से मशहूर जुड़वा बहने इसके बाद न्यूजीलैंड की सबसे ऊंची चोटी माउंट कुक को फतह करने का लक्ष्य बनाया। कर्नल मलिक ने बताया कि इस अभियान के लिए ताशी और नुंग्शी ने दो सप्ताह का कड़ा प्रशिक्षण लिया था। प्रशिक्षण के दौरान ताशी के चोटिल हो गई थी, लेकिन दोनों ने हिम्मत नहीं हारी।
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ताशी-नुंग्शी
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30 नवंबर को बेस कैंप से अभियान की शुरुआत हुई और दो दिसंबर की रात यह पूरा हुआ। दोनों बहनों के कदम यहीं नहीं रुके। इसके बाद उन्होंने इसके बगल की चोटी माउंट डिक्सन पर भी तिरंगा फहराया।
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ताशी-नुंग्शी
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ताशी ने कहा कि जज्बा हो तो कोई चोट या मुश्किल आपके कदम नहीं रोक सकती। आपको बता दें कि दोनों बहनों पर्वतारोहण में दस से ज्यादा रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी हैं।
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वर्ष 2013 में उन्होंने माउंट एवरेस्ट फतह का गिनीज बुक में नाम दर्ज कराया था। दोनों बहनों ने एवरेस्ट, विश्व की सातों सबसे ऊंची चोटियां और दक्षिणी-उत्तरी ध्रुव फतह कर ग्रैंड स्लैम पूरा किया है।
क्या है ग्रैंड स्लैम
सेवन समिट के तहत दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट सहित विश्व के सभी सात महाद्वीपों की अलग-अलग सबसे ऊंची चोटियां फतह करने के साथ ही दक्षिणी और उत्तरी ध्रुव का रोहण करने को एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम कहा जाता है।