कोरोना, संक्रमण और ओलावृष्टि सुंदर शब्द नहीं हैं, लेकिन ट्यूलिप, बरमीना, डहेलिया और पैंजी बहुत सुंदर और महकते शब्द हैं। महामारी हर बरस नहीं आती, वसंत हर बरस आता है। ओलावृष्टि और सामूहिक संक्रमण नियम नहीं अपवाद हैं। वे हर नहीं आते। फागुन और अपवाद नहीं, नियम हैं। वे हर साल आते हैं। अमर उजाला ने सोचा आज अपवाद का नहीं, नियम का अभिनंदन हो। कोरोनावायरस के अंदेशे में राजभवन का पुष्प उत्सव भले ही थम गया हो, राजभवन के नजारे तो आप तक चल आ सकते हैं ना। इसलिए अमर उजाला के फोटो जर्नलिस्ट ने फूलों के शबाब को कैमरे में कैद किया।