martyr chitresh bisht
साथी ने उनसे कहा कि चित्रेश की तबीयत खराब है। इस पर वे घबरा गईं और फोन रख दिया। एसएस बिष्ट को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने चित्रेश के साथी को फोन कर बात सच-सच कहने को कहा, उसके बाद साथी ने उन्हें चित्रेश के शहीद होने की खबर बताई।