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अलकनंदा हत्याकांड: महज 100 मीटर के दायरे में ओझल हो गए हत्यारे, 500 सीसीटीवी खंगाले, 40 संदिग्धों से पूछताछ

Thu, 12 Dec 2024 05:10 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून

सार

Dehradun Murder: देहरादून जीएमएस रोड स्थित पॉश कॉलोनी अलकनंदा एन्क्लेव में अकेले रहने वाले एक बुजुर्ग की नृशंस हत्या कर दी गई। बुजुर्ग ओएनजीसी के पूर्व इंजीनियर थे। उनके शरीर को चाकुओं से बुरी तरह गोदा गया था।
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बुजुर्ग की हत्या - फोटो : माई सिटी रिपोर्टर
देहरादून के अलकनंदा एन्क्लेव में बुजुर्ग पूर्व इंजीनियर की हत्या कर हत्यारे मानों पुलिस को चुनौती देते हुए भागे हैं। इन्हें पकड़ना तो दूर पहचान करना भी पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। पुलिस महज 100 मीटर की दूरी में ही चकरघिन्नी बन गई है। बताया जा रहा है कि घटनास्थल के इस दायरे के बाद बदमाशों की कोई फुटेज पुलिस के हाथ नहीं लगी है। संदिग्धों से पूछताछ और परिवार की कड़ियों से भी पुलिस को कोई दिशा नहीं मिल रही है।

ऐसे में अब हत्या का राज केवल हत्यारे ही खोल सकते हैं। यह तभी मुमकिन है जब ये पकड़े जाएं। गत सोमवार को ओएनजीसी के पूर्व इंजीनियर अशोक कुमार गर्ग की हत्या की गुत्थी सुलझाने में पुलिस कई रास्तों पर घूम रही है। लेकिन, हर रास्ते पर चलने के बाद खुद को वहीं खड़ा पा रही है। सूत्रों की मानें तो ये रास्ते बहुत लंबे नहीं बल्कि महज 100 मीटर के दायरे में हैं।

हत्या शाम करीब 7.45 बजे हुई थी। पड़ोसी वहां आए तो हत्यारे उनकी आहट से ही घर के पिछले हिस्से से भाग गए। उनकी तलाश में पुलिस की कई टीमों ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। दो युवकों का वहां आना और फिर भागते हुए जाना। बस केवल इतनी ही तस्दीक इन कैमरों से हो पाई है। हत्या करने के बाद दोनों युवक कमला पैलेस की ओर भागे हैं।

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बुजुर्ग की हत्या - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
केवल इतना ही रूट भी पुलिस को पता चला है। इसके अलावा अभी कोई साफ कड़ी पुलिस को नहीं मिली जिसके सहारे इस हत्याकांड का राजफाश किया जा सके। पुलिस सूत्रों के अनुसार अब तक 40 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है। इनमें घर में डिलीवरी करने आने वाले लड़के, पुताई का काम करने वाले मजदूर और अन्य लोग शामिल हैं। अब तक 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे भी चेक किए जा चुके हैं।
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बुजुर्ग की हत्या - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं, कई दिशाओं में जांच करने के बाद अब पुलिस जांच की सुई बुजुर्ग के निजी मसलों के ऊपर ही टिकी है। बात फिर वहीं आकर अटक जाती है कि इन मसलों की जानकारी बुजुर्ग को थी या फिर इन हत्यारों को। ऐसे में यह जानना भी अब पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। परिवार से भी बहुत ज्यादा मदद नहीं नहीं मिली है। ऐसे में इन सवालों के जवाब ढूंढने के लिए पुलिस ही कड़ियां जोड़ने में लगी है।

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हत्या - फोटो : माई सिटी रिपोर्टर
दरअसल, बुजुर्ग अशोक कुमार गर्ग यहां अकेले तो रहते थे लेकिन उनके पास डिलीवरी बॉय आदि का आना जाना लगा रहता था। रहे होंगे। पिछले हिस्से में गत 30 नवंबर तक कोई किराएदार भी रहता था। अब उन्होंने मकान के इस हिस्से को किराए पर देने के लिए गेट पर तख्ती भी टांगी थी। रोजाना यहां किराए के लिए भी लोग पूछने के लिए आते थे। इनसे बुजुर्ग कितना बात करते थे या किसी को पहले मकान दिखाया इसकी जानकारी भी पुलिस को नहीं मिल पा रही है। बुजुर्ग के फोन से भी पुलिस को खासी मदद इस हत्याकांड के खुलासे में नहीं लग रही है। ऐसे में अब केवल कोई ऐसा कारण ही हत्या का हो सकता है जिसे केवल गर्ग ही जानते थे।
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बुजुर्ग की हत्या - फोटो : माई सिटी रिपोर्टर
कहीं किसी ने सुपारी देकर तो नहीं कराई हत्या
पुलिस यदि निजी मसलों के बारे में पड़ताल कर रही है तो इसमें हत्यारे सुपारी किलर भी हो सकते हैं। हो सकता है कि कोई रंजिश रखता हो और खुद उन्हें न मारना चाहता हो। ऐसे में उसने सुपारी देकर गर्ग की हत्या कराई। हत्यारों के भागने के तरीकों और इस तरह कुछ दूरी में ओझल होने की बात से इतना कहा ही जा सकता है कि मारने वाले कोई पेशेवर बदमाश ही
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