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रूढ़ियां तोड़ बेटियों ने किया पिता का अंतिम संस्कार, चिता को मुखाग्नि देकर पूरी की अंतिम इच्छा

Tue, 06 Aug 2019 08:27 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई टिहरी
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- फोटो : अमर उजाला
बेटा न होने की वजह से बेटियों ने रूढ़िवादी परंपराओं के बंधन को तोड़ते हुए बेटों का फर्ज निभाया। पिता की अंतिम इच्छा पूरी करते हुए बेटियों ने पिता की चिता को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। 
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- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के टिहरी में नैनबाग क्षेत्र में बेटियों के मुखाग्नि देने का यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। बेटियों ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हमें पिता का अंतिम संस्कार करने का मौका मिला। जौनपुर क्षेत्र में बेटियों का श्मशान घाट पहुंचकर मुखाग्नि देने का यह पहला मामला है। 
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- फोटो : अमर उजाला
ग्रामसभा पाव के पूर्व प्रधान और सामाजिक कार्यकर्ता किशन सिंह कैंतुरा (66) का बीती रात लंबी बीमार के बाद मौत हो गई थी। दिवंगत किशन सिंह कैंतुरा की चार बेटियां है, लेकिन बेटा नहीं है। चारों बेटियों की शादी हो चुकी है। चारों बेटियों में से सबसे छोटी बेटी स्वाति नौगांव के एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं।

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- फोटो : अमर उजाला
दिवंगत कैंतुरा के सगे संबंधी सोमवार को पार्थिव शरीर लेकर अंतिम यात्रा के लिए यमुना नदी पर स्थित मुक्तिधाम ले जाने को तैयार हुए तो बेटी नीलम, पूनम, दीपशिखा और स्वाती ने पिता की अंतिम इच्छा बताकर पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने की बात कही। वहां मौजूद लोग पहले तो बेटियों को समझाने-बुझाने में लग गए। लेकिन बेटियों ने एक न मानी। 
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बेटियों की जिद के आगे कुछ देर बाद लोगों ने इस बात का समर्थन किया। जिस पर चारों बेटियां पिता की अंतिम यात्रा में गईं। यमुना नदी के तट पर पिता के अंतिम संस्कार की रस्म अदा कर पिता को मुखाग्नि देकर बेटों का फर्ज निभाया। कैंतरा 1981 में क्षेत्र पंचायत सदस्य, 1996 में ग्राम प्रधान और कांग्रेस के जौनपुर ब्लॉक अध्यक्ष रहे थे। 
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