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नाभा जेल ब्रेकः आतंकवादियों को भगाने वाले पलविंदर से खूंखार है उसकी साथी महिला

Wed, 30 Nov 2016 02:52 PM IST
राकेश शर्मा/ अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून में रची गई नाभा जेल ब्रेक की साजिश - फोटो : SELF
ड्रग्स, अपराध और आतंक का यह नया गठजोड़ समय रहते टूट गया, अन्यथा पुलिस और खुफिया तंत्र के लिए आने वाला समय बेहद मुश्किल भरा होता। आतंकी समेत छह कैदियों को फरार कराने में भले ही पलविंदर का नाम आ रहा हो, लेकिन उत्तराखंड पुलिस प्रेमा उर्फ लवारिया को ज्यादा हार्ड क्रिमिनल मानकर चल रही है।
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nabha jail brake geeta - फोटो : AmarUjala
खालिस्तानी आतंकी हरमिंदर सिंह मिंटू का आतंकवाद, प्रेमा को डग्स कारोबार और पलविंदर को अपराध की दुनिया में दखल किसी से छिपा नहीं है। खुफिया तंत्र के सामने अब इस नेटवर्क को तोड़ने की चुनौती है। ऐसे में पंजाब से उत्तराखंड में नशा नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा रहा है।
 
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Nabha Jail - फोटो : Bureau
पंजाब की नाभा जेल कांड में देहरादून का नाम जुड़ने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरे नेटवर्क पर माथापच्ची करने में जुटी है। जांच पड़ताल में एक के बाद एक चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। खुद अधिकारी भी इस आशंका से इनकार नहीं कर रहे हैं। नाभा जेल हमले का हर किरदार अपने फन में मास्टर है।
 

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नाभा जेल ब्रेक - फोटो : अमर उजाला
खुफिया सूत्रों की माने तो नाभा जेल पर हमले की साजिश में शामिल हर किरदार का मकसद तो साफ नहीं है, लेकिन दोनों हाथों से धन बटोरना बड़ा मकसद हो सकता है। स्वाभविक है कि आतंकी हरमिंदर सिंह की फरारी के बाद उनकी दिशा किसी से छिपी नहीं है। पंजाब के बाद उत्तराखंड में बढ़ते नशा कारोबार में इस नेटवर्क की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा रहा है।  
 
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सदानंद दाते - फोटो : AmarUjala
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा सदानंद दाते भी मानते है कि ड्रग्स, अपराध और आतंक के गठजोड़ का यह नया टेंड़ चुनौती पूर्ण है। उसी गंभीरता से नेटवर्क को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है। इस तथ्य पर गहनता से जांच कराई जा रही है कि पंजाब से तो नशे की तस्करी नहीं हो रही, क्योंकि प्रेमा और उसके साथी नौवा के नशा बाजार में पकड़ किसी से छिपी नहीं है। माना जा रहा है कि सुनील की गिरफ्तारी के बाद काफी हद तक धुंधली तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। 
 
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सदानंद दाते - फोटो : AmarUjala
माता-पिता के जुर्म की सजा बेकसूर बच्चों को भुगतनी पड़ रही है। पिता सुनील के फरारी और मां गीता की गिरफ्तारी के बाद दोनों बच्चे कहां जाएंगे, यह बड़ा सवाल था। मां के कहने पर बेटी और बेटे को पड़ोसी के सुपुर्द किया गया है। दोनों बच्चे शहर के एक बड़े स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। 
 
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terrorist
पकड़ा गया पलमिंदर उर्फ पेंदा जालंधर के निहालुवाला गांव का रहने वाला है। गांव में 12 बीघा की खेती है। एक भाई गांव में रहता है, जबकि दूसरा अमेरिका में बसा है। 2013 में थाना फगवाडा में उप निरीक्षक की हत्या करने में उसकी गिरफ्तारी हुई। बाद में वह अभिरक्षा से फरार होकर दून में छिप गया था।
 
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सदानंद दाते - फोटो : AmarUjala
पुलिस ने सुनील कालरा और पत्नी गीता के खातों को खंगालने के बाद उन्हें सीज कराने की तैयारी शुरू कर दी है। 23 नवंबर के करीब दोनों खातों में रकम डाली गई है। फिलहाल पेंदा जिस मकान में किराए पर रहता था, उसे सील करा दिया गया है।  पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि पलमिंदर के कमरे में किसी महिला का भी आना जाना था। यह महिला कौन है, अभी साफ नहीं हो सका है। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है।
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