फोन पर आधार नंबर पूछकर विकासखंड में कार्यरत एक वरिष्ठ सहायक के खाते से लाखों की ऑनलाइन शॉपिंग करने का मामला प्रकाश में आया है। हालांकि मामले में पीड़ित ने शिकायत बैंक प्रबंधन को दी है। लेकिन ऑनलाइन ठगी के इस मामले को सुलझाने में बैंक प्रबंधन ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन
2 of 6
विकासखंड में कार्यरत वरिष्ठ सहायक बीएस पंवार ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मोबाइल पर यह कहते हुए एक व्यक्ति ने फोन किया कि वो (फोन करने वाला) एसबीआई से बोल रहा है।
विज्ञापन
3 of 6
और बीएस पंवार के एसबीआई खाते से आधार संख्या नहीं जुड़ी है। ऐसे में पंवार ने बैंक आने के लिए कहा लेकिन फोन करने वाले व्यक्ति ने केवल आधार संख्या पूछी और मोबाइल कॉल पर बने रहने के लिए कहा।
4 of 6
कुछ देर में मोबाइल पर कई मैसेज आए और मैसेज में आए कोड नंबरों को पंवार संबधित व्यक्ति को बताते रहे। बुधवार देर शाम को पंवार को पता लगा कि उनके बैंक खाते से एक लाख चार हजार से अधिक धनराशि निकाल ली गई।
विज्ञापन
5 of 6
जिस पर बृहस्पतिवार को पंवार ने बैंक प्रबंधक से शिकायत की। वहीं दूसरी ओर बैंक प्रबंधक पीएस बसेड़ा ने कहा कि बैंक प्रबंधन अपने किसी भी ग्राहक को फोन कर खाते की जानकारी नहीं मांगता। यही नहीं मोबाइल, टीवी और समाचार पत्रों में भी ऑनलाइन ठगी के प्रति जागरूक रहने की अपील की जाती है।
बावजूद लोग अपना कोड बताकर ठगी का शिकार हो जाते हैं। अब जबकि ऑन लाइन शॉपिंग के लिए बैंक ने मोबाइल पर कोड भी जारी करने की प्रक्रिया की है। बिना कोड दिए ऑन लाइन शॉपिंग सफल नहीं हो सकती। बावजूद लोग जागरूक नहीं होते और ऐसी ठगी का शिकार हो जाते हैं