युवराज की इस मुलाकात के खास मायने हैं, क्योंकि उन्होंने खुद कैंसर को हरा कर क्रिकेट में वापसी की। तब से वे अपनी संस्था यूवीकैन के माध्यम से कैंसर मरीजों के बीच काम कर रहे हैं। मुलाकात के दौरान युवराज ने बलूनी का उत्साहवर्द्धन किया और रोग के दौरान अपने संघर्ष के अनुभवों को साझा किया।