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उत्तराखंड: हल्द्वानी में कोविड होम आइसोलेशन किट से थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर 'गायब', मिल रही सिर्फ दवा, तस्वीरें...

Tue, 04 May 2021 04:52 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
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होम आइसोलेशन किट में नहीं है थर्मामीटर और ऑक्सीमीटर - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कोविड मरीजों की किट से थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर गायब हो गया है। होम आइसोलेशन में भेजे गए मरीजों को सिर्फ दवाएं दी जा रही हैं। जांच के लिए आ रहे मरीजों को दवाओं की किट मिलने में भी दिक्कत हो रही है। बेस अस्पताल में किट न मिलने की शिकायत डीएम तक भी पहुंच गई है। 

पिछले वर्ष कोविड मरीजों को जो किट दी जा रही थी उसमें थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर भी दिया जा रहा था। पल्स ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन सेचुरेशन और पल्स रेट का पता चलता है।

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अब कोविड मरीजों के लिए अति आवश्यक थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर नहीं दिया जा रहा है। एसीएमओ डॉ. टीके टम्टा का कहना है कि समय-समय पर गाइडलाइन बदल रही हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक के यहां से पत्र आया है। उसी के आधार किट दी जा रही है। अब मरीजों को केवल दवाएं दी जानी हैं। 

बेस अस्पताल समेत कुछ केंद्रों पर कोरोना की जांच कराने पहुंच रहे लोगों को दवा की किट भी नहीं दी जा रही है। बेस अस्पताल में किट न मिलने का मामला  डीएम धीराज गर्ब्याल तक भी पहुंचा।
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होम आइसोलेशन किट में नहीं है थर्मामीटर और ऑक्सीमीटर - फोटो : अमर उजाला
डीएम गर्ब्याल ने कहा कि किट न देना गंभीर मामला है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आदेश दिया जाएगा कि जांच कराने के लिए आने वाले हर व्यक्ति को हर हाल में किट उपलब्ध कराएं। वहीं, कोविड की जांच के नाम पर एक निजी लैब के कर्मी मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। घर से सैंपल लेने के लिए एक हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं। दूसरी और थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर की कालाबाजारी भी थमने का नाम नहीं ले रही है। 
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होम आइसोलेशन किट में नहीं है थर्मामीटर और ऑक्सीमीटर - फोटो : अमर उजाला
देवलचौड़ के आगे रहने वाले एक परिवार ने एक निजी लैब को कोविड जांच के लिए फोन किया। जवाब मिला कि सैंपल जांच का शुल्क पांच सौ रुपये है। घर पर बुलाकर सैंपल देंगे तो दो सौ रुपये अतिरिक्त लगेंगे। कुछ देर बाद परिजनों को फोन पर बताया गया कि सैंपल के लिए दूर जाना है इसलिए एक हजार रुपये एक व्यक्ति के लगेंगे।

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होम आइसोलेशन किट में नहीं है थर्मामीटर और ऑक्सीमीटर - फोटो : अमर उजाला
परिजनों ने तीन लोगों के सैंपल जांच को दिए और तीन हजार रुपये का भुगतान किया। उन्हें रसीद पांच सौ रुपये के हिसाब से दी गई। यह जांच परिजनों ने 18 अप्रैल के आसपास कराई थी। इस संबंध में एसीएमओ डॉ. टीके टम्टा का कहना है कि यह प्रशासन का मामला है और प्रशासन ही कार्रवाई कर सकता है। 
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
दूसरी और एक बड़े ब्रांड का 199 रुपये में बिकने वाला डिजिटल थर्मामीटर के साढ़े तीन सौ से पांच सौ रुपये लिए जा रहे हैं। साथ ही एक हजार से डेढ़ हजार रुपये का आने वाला पल्स ऑक्सीमीटर भी ढाई हजार से लेकर पांच हजार के बीच बेचा जा रहा है जबकि कुछ दुकानदार ऐसे भी हैं जो ग्राहकों को दोनों ही चीजें दाम पर दे रहे हैं और कुछ तो डिस्काउंट भी दे रहे हैं। इस संबंध में कार्यवाहक सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह का कहना है कि कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 
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