उत्तराखंड समेत देश के तमाम राज्यों में फैली कोरोना महामारी से जहां रोज लाखों लोग जानलेवा बीमारी की गिरफ्त में आ रहे हैं। हजारों लोग अपनी जिंदगी गवां रहे हैं। वहीं, कोरोना महामारी के चलते लाखों लोग मानसिक अवसाद के शिकार हो रहे हैं। इसके अलावा जिनके परिवारों में लोग कोरोना संक्रमित हो गए हैं उन्हें अपनों की जिंदगी की चिंता सता रही है। जिन परिवारों में अभी बीमारी ने पांव नहीं पसारे हैं उन्हें बीमारी से संक्रमित होने का डर सता रहा है। इन्हीं सब मानसिक अवसादों के बीच तमाम लोग ऐसे हैं जो खुद के साथ पूरे परिवार को तनावमुक्त रखने को लेकर न सिर्फ अपने घरों में बगिया सवार रहे हैं, वरन किचन गार्डन भी तैयार कर रहे हैं। कोरोना संकट के साथ ही लोग घर की बगिया में फूलों के साथ ही पेड़ पौधों को लगाकर अपना समय गुजारने के साथ ही खुद को तनाव मुक्त कर रहे हैं। फूलों के साथ ही पेड़ पौधों की भी मांग बढ़ी है। दून नर्सरी के संचालक अरुण कुमार बिश्नोई की मानें तो उनके पास बड़ी संख्या में लोग जीनिया, बाल्साम, कॉसमॉस, मुर्गा केस, तिलोतिया, हॉलीहॉक, पामफीना जैसे फूलों को खरीदने के साथ ही बोगनवेलिया, एकजोरा, गुलाब, तिकोना, गुड़हल क्रोटन, गार्डेनिया, एरिका पाम जैसी प्रजातियों के पौधे खरीदने आ रहे हैं। अमर उजाला संवाददाता ने जब कोरोना संकट के बीच मानसिक तनाव को दूर करने को लेकर जानकारी जुटाई तो कुछ इस अंदाज में प्रक्रियाएं मिलीं।