हरिद्वार कुंभ
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इसके बाद प्रयागराज, तीसरा कुंभ उज्जैन और चौथा कुंभ नासिक में गोदावरी तट पर लगता है। कहा जाता है सबसे ज्यादा अमृत हरकी पैड़ी पर ब्रह्मकुंड में ही छलका था, इसलिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण और एक माह तक चलने वाला कुंभ हरिद्वार में ही लगता है। स्कंध पुराण के मुताबिक हरिद्वार में कुंभ स्नान से मोक्ष को प्राप्त होते हैं।