कोविड चेक पोस्ट पहुंचे कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियान
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अब जब कोई निगरानी करने वाला ही नहीं था तो निजी पैथोलॉजी लैब के कर्मचारियों के हौसले बुलंद होने ही थे। शुरूआत में एक दो फर्जी रिपोर्ट जारी करने से शुरू हुआ यह खेल कर्मचारियों की ऊपर की कमाई का बड़ा जरिया बन गया। हालांकि कर्मचारी इस बात को भूल गए कि कुछ रुपयो के लालच में वे सैंकड़ों लोगों की जिंदगी को खतरे में डाल रहे हैं। अभी फर्जीवाड़े में निजी लैब और अन्य कर्मचारियों की भूमिका को भी तलाशा जा रहा है। अगर पुलिस जांच में कुछ अन्य चेक पोस्ट पर भी फर्जीवाड़े के तार जुड़े पाए जाते तो आरटीपीसीआर जांच की आड़ में चल रहे एक बड़े गोरखधंधे का खुलासा हो सकता है। कोविड संक्रमण नियंत्रण के लिए ऋषिकेश क्षेत्र से सटी तीनों जिलों की सीमाओं पर छह चेक पोस्ट बनाए गए है। इन चेक पोस्ट पर बाहरी राज्यों और जिलों से आने वाले आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट चेक की जाती है। ये चेक पोस्ट रायवाला, ढालवाला, कैलाशगेट, तपोवन, गरुणचट्टी, भद्रकाली में बनाए गए हैं।