कदम-कदम बढाए जा, खुशी के गीत गाए जा, ये जिंदगी है कौम की, कौम पर लुटाए जा।
विज्ञापन
'देश सेवा की शपथ के गवाह बने गृहमंत्री राजनाथ'
2 of 11
इन पंक्तियों के साथ सशस्त्र सीमा बल के 108 सहायक सेनानायकों ने अंतिम पग पार कर देश सेवा के क्षेत्र में कदम रखा।
विज्ञापन
'देश सेवा की शपथ के गवाह बने गृहमंत्री राजनाथ'
3 of 11
शुक्रवार को श्रीनगर के एसएसबी अकादमी परिसर में सहायक सेनानायकों की दीक्षांत परेड में विभिन्न राज्यों के 108 प्रशिक्षुओं ने सहायक सेनानायक के रूप में देश सेवा की शपथ ली।
'देश सेवा की शपथ के गवाह बने गृहमंत्री राजनाथ'
4 of 11
दीक्षांत परेड की सलामी मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ली।
विज्ञापन
'देश सेवा की शपथ के गवाह बने गृहमंत्री राजनाथ'
5 of 11
सेनानायक संजय कुमार ने सहायक सेनानायकों को देश सेवा की शपथ दिलाई।
विज्ञापन
'देश सेवा की शपथ के गवाह बने गृहमंत्री राजनाथ'
6 of 11
महानिदेशक एसएसबी वंशीधर शर्मा ने एसएसबी के इतिहास पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन
'देश सेवा की शपथ के गवाह बने गृहमंत्री राजनाथ'
7 of 11
कहा कि एसएसबी को वर्ष 2001 में भारत नेपाल सीमा की 1751 किमी और वर्ष 2004 में भारत भूटान की 699 किमी सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई।
'देश सेवा की शपथ के गवाह बने गृहमंत्री राजनाथ'
8 of 11
निदेशक एस बंदोपाध्याय ने बताया कि 4 महिला अधिकारियों समेत 83 प्रशिक्षु अधिकारी सीधी भर्ती से हैं।
'देश सेवा की शपथ के गवाह बने गृहमंत्री राजनाथ'
9 of 11
25 अधिकारी विभागीय प्रतियोगिता से प्रशिक्षण के लिए पहुंचे।
'देश सेवा की शपथ के गवाह बने गृहमंत्री राजनाथ'
10 of 11
इन्हें क्रमश: 50 सप्ताह और 28 सप्ताह का गहन प्रशिक्षण दिया गया है।