उत्तराखंड के नई टिहरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डोबरा-चांठी पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू करवाने, प्रभावितों के आवागमन को झील में फिर से बोटों का संचालन करने समेत पांच सूत्री मांगों को लेकर धरना दिया। इस दौरान कार्यकर्ता एप्रोच पुल का गेट तोड़कर वाहन ले गए।
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- फोटो : अमर उजाला
साथ ही मुख्य पुल की बैरिकेडिंग तोड़ने का भी प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस कर्मियों के साथ कांग्रेसियों की नोक झोंक भी हुई। कहा कि जल्द पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं की गई तो बेमियादी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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शुक्रवार को प्रतापनगर के पूर्व विधायक विक्रम सिंह नेगी के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने डोबरा में धरना दिया। उन्होंने लोनिवि और सुरक्षा कर्मियों से पुल पर लगे गेट की चाबी मांगी, लेकिन चाबी नहीं मिलने कांग्रेसी एप्रोच पुल का गेट तोड़कर वाहन ले गए।
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हालांकि मुख्य पुल पर पहुंचने से पहले सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया पुल का निर्माण दो माह पहले हो गया था, लेकिन भाजपा सरकार विधानसभा चुनाव में राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से पुल पर वाहनों के आवाजाही शुरू करवाने में देरी कर रही है।
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कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि उनकी और उनके साथियों की याचिका पर सुप्रीम ने सरकार को डोबरा-चांठी, घोंटी, चिन्यालीसौड़ पुल बनाने के निर्देश दिए थे।
उसी का परिणाम है कि पुल बनकर तैयार हो गए हैं। कहा कि भाजपा इसका श्रेय लेने में जुटी हुई है। पूर्व विधायक नेगी ने बांध प्रभावितों के लिए झील में बोटों का संचालन जारी रखने, डोबरा में आवंटित व्यवसायिक भूखंडों को विकसित करने की मांग की।