suicide
ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी ने बताया कि कपिल अपने परिजनों से नाराज था, इसलिए आत्महत्या से पहले उसने मैसेज किया कि मेरी चिता को तुम या गोपू, गौरव आग देगा। उसकी अंतिम इच्छा के अनुसार श्मशानघाट में उसके दोस्त गोपाल, गौरव, सुरेश घुघतियाल, ललित नेगी, चचेरे भाई जसवंत रावत ने मुखाग्नि दी। कपिल की मौत से पूरा परिवार सन्न था। उसके तीनों बच्चे उनकी मौत से अनभिज्ञ थे। दस वर्षीय बेटी रितिका तो कुछ समझ रही थी, लेकिन आठ वर्षीय माही और पांच वर्षीय बेटा उमंग अनजान थे।