रविवार को बादल फटने से आई आपदा के गुजर जाने के बाद अब खीड़ा, जुकानी और बाजपुर के करीब 52 परिवार खतरे की जद में हैं। इस आपदा में चार मकान बहे हैं। दो पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हैं। कुछ मकान ज्यादा और कुछ कम क्षतिग्रस्त हैं, जबकि 38 घरों में मलबा भर गया है। स्थिति यह है कि उक्त परिवारों के पास रहने के लिए कोई दूसरा ठौर भी नहीं है। जुकानी गांव में चंपा देवी, आनंद राम, बहादुर सिंह, त्रिलोक सिंह, दीवानी राम, लछमसिंह, दिनेश चंद्र, बालमसिंह, नंदन सिंह और देव सिंह के मकान भी खतरे की जद में हैं।