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बादल फटने से बह गया घर, बच्चे की बातें सुन भावुक हो गए डीएम, ऐसा क्या कहा उसने पढ़ें...

Wed, 05 Jun 2019 08:05 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal हेम कांडपाल, अमर उजाला, चौखुटिया (अल्मोड़ा)
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- फोटो : अमर उजाला
'डीएम अंकल मेरा स्कूल बैग, किताबें और कपड़े सब कुछ बह गया है।' रोते बिलखते खीड़ा अंतर्गत जुकानी के नौ साल के स्कूली बच्चे कुलदीप नेगी ने जैसे ही डीएम नितिन भदौरिया से ये बात कही तो वह भी भावुक हो गए। उन्होंने बच्चे को गले से लगाते हुए सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि वह किसी प्रकार की चिंता न करे वह उसे और उसके परिवार को कोई परेशानी नहीं होने देंगे। उन्होंने उसे पांच हजार रुपये दिए, जिन्हें उसने अपने पिता के जेब में डाल दिया। यह दृश्य देख वहां पर मौजूद सभी अधिकारी और जनप्रतिनिधि भावुक हो गए।
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- फोटो : अमर उजाला
मौके पर मौजूद विधायक महेश नेगी ने भी दो हजार रुपये देकर मदद का वादा किया। इससे पहले कुलदीप ने रोते हुए अमर उजाला संवाददाता से उसे डीएम से मिलाने का आग्रह किया। कहा कि वह डीएम अंकल से कुछ जरूरी बात करना चाहता है। संवाददाता द्वारा जब कुछ दूरी पर आपदा का जायजा ले रहे डीएम को बच्चे की मंशा के बारे में बताया तो वह तबाह हुए घर के बाहर खड़े बच्चे से मिलने पहुंच गए। इस दौरान बच्चे की मां सीमा देवी और पिता बहादुर सिंह भी रोते बिलखते रहे।
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- फोटो : अमर उजाला
रविवार को बादल फटने से आई आपदा के गुजर जाने के बाद अब खीड़ा, जुकानी और बाजपुर के करीब 52 परिवार खतरे की जद में हैं। इस आपदा में चार मकान बहे हैं। दो पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हैं। कुछ मकान ज्यादा और कुछ कम क्षतिग्रस्त हैं, जबकि 38 घरों में मलबा भर गया है। स्थिति यह है कि उक्त परिवारों के पास रहने के लिए कोई दूसरा ठौर भी नहीं है। जुकानी गांव में चंपा देवी, आनंद राम, बहादुर सिंह, त्रिलोक सिंह, दीवानी राम, लछमसिंह, दिनेश चंद्र, बालमसिंह, नंदन सिंह और देव सिंह के मकान भी खतरे की जद में हैं।

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- फोटो : अमर उजाला
इनमें से कई मकानों में मलबा भी भरा है। जुकानी में कुल 35 परिवारों में करीब 15 लोगों के मकान अब खतरे की जद में हैं। बाजपुर में कमल सिंह पुत्र खीम सिंह, बालम सिंह, खीमुली देवी, उमेद सिंह, गोपाल सिंह के मकान भी मलबा आने से प्रभावित हैं। कुछ लोगों को खासा नुकसान भी उठाना पड़ा है। खीड़ा में गोविंद सिंह, बालादेवी, जयंती देवी और जगत सिंह के मकान बहने के साथ ही नीमा देवी पत्नी चंदन सिंह के घर का भी सारा सामान बह गया है। नीमा देवी अपनी दास्तां सुनाते हुए रो पड़तीं हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
जुकानी में बहादुर सिंह नेगी पुत्र बालम सिंह नेगी की बेकरी बह गई है। उनके घर और दुकान का सामान मलबा भरने से बर्बाद हो गया है। उनकी पत्नी सीमा नेगी और पुत्र कुलदीप का रो रोकर बुरा हाल है। रमेश सिंह पुत्र गोपाल सिंह के दुकान का सारा सामान बर्बाद हो गया है। त्रिलोक सिंह और देवसिंह की कार मलबे में दबी है। सोमवार को राहत कार्य शुरू किया गया। डीएम ने बताया कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा बांटा जा रहा है। खीड़ा सहित सभी तोकों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। सड़क चालू है। प्रभावितों के लिए भोजन और रहने की व्यवस्था भी की जा रही है। 
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- फोटो : अमर उजाला
खीड़ा में रविवार को बादल फटने के बाद हुई तबाही के बाद सोमवार को पुलिस के साथ ही एसडीआरएफ और अग्निसुरक्षा की टीम ने राहत कार्य शुरू कर दिया। लेकिन दो दिन बाद मंगलवार को आपदा में लापता राम सिंह का शव मिल गया। मौके पर पहुंचे डीएम नितिन भदौरिया ने खीड़ा, जुकानी और बाजपुर तोक में हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावितों से बातचीत कर उनके रहने और खाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव में ही अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान विधायक महेश नेगी और कर्णप्रयाग के विधायक सुरेंद्र नेगी ने भी प्रभावित गांवों का भ्रमण कर राहत कार्य में हाथ बंटाया।
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खीड़ा के गोगन्यानी में पांच जून को जगत सिंह बिष्ट के बेटे की शादी होनी है जिसके लिए सारा सामान आ चुका था, लेकिन बादल फटने के बाद हुई तबाही में वह भी बह गया। तोक बाजपुर में 10 जून को बिशन सिंह नेगी की बेटी की शादी है। परिवार के लोगों ने सारा सामान खरीद लिया था, परंतु आपदा में घर में मलबा भरने से सारा सामान बर्बाद हो गया है। इसी तोक में गोविंद सिंह, नंदन सिंह और रतन सिंह के घर में पूजा चल रही है उनका भी सारा सामान बर्बाद हो गया है। हालत यह हो गए हैं कि किसी के मकान में दरारें हैं तो किसी की दीवार टूट गई है। 
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खीड़ा में लोक निर्माण विभाग द्वारा रातभर तीन जेसीबी लगाई गई थी जिसके चलते चौखुटिया से खीड़ा तक करीब 12 किलामीटर सड़क दिन में ही चालू हो गई थी। शाम तक बच्छावान तक सड़क ठीक होने की बात कही गई है। जबकि खीड़ा, जुकानी, पुनियांबगड़, केलाबाड़ी, उगलिया और बाजपुर कुल छह तोकों की पेयजल योजना ठप है। विभाग द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के लिए चार टैंकर लगा दिए गए हैं। उधर चूलेरासीम में भी पेयजल योजना के पाइप बहने से आपूर्ति ठप है।
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