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जब सिटी मजिस्ट्रेट बने दशरथ भाव-विभोर हो गए दर्शक

Wed, 05 Oct 2016 08:32 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
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ram leela
हल्‍द्वानी की रामलीला में दशरथ के पात्र को जीवंत करने सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह मंच पर उतरे। रघुवीर के पिता बने हरबीर ने राजा दशरथ की व्यथा, दुविधा और पुत्र वियोग के भाव को सजीव कर दिया।
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harbeer singh
मंचन के समय संवाद नहीं था, लेकिन भाव और भंगिमा ने शब्दों की कमी को पूरा कर दिया। वैसे तो कई जन प्रतिनिधि भी रामलीला मंचन करते आए हैं, लेकिन शायद यह पहला मंचन होगा, जिसमें कोई प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुआ हो। सिटी मजिस्ट्रेट के ‘हल्द्वानी से विदाई’ (देहरादून स्थानांतरण) और उनके रामलीला में वियोग के प्रसंग के सम्मिलित भाव ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
 
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harbeer singh
दशरथ दरबार सजने के बाद राम के गुरु वशिष्ठ के सम्मान, दशरथ-कैकेयी संवाद हुआ। हरबीर सिंह ने सधे हुए कलाकार की तरह हाव-भाव से राजा दशरथ के मनोभाव को प्रकट किया।
 

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harbeer singh
जब प्रभु राम अपने अनुज लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ संन्यासी बनकर अयोध्या से वनवास के लिए विदा हो रहे थे, उस वक्त राजा दशरथ और प्रभु राम के चेहरों पर उभरी भंगिमाओं ने वियोग के भाव को कुशलता के साथ दर्शाया और दर्शकों को भाव विह्वल कर दिया।
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वियोग के क्षण में कई लोगों की आंखें नम हो गईं। राम वनवास के बाद आज की लीला समाप्त होने पर आरती का कार्यक्रम हुआ। इस बीच रामलीला के संयोजक स्वामी रामगोविंद दास भाई जी ने सिटी मजिस्ट्रेट को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में ‘राजा दशरथ’ के साथ फोटो खींचवाने के लिए भीड़ लग गई। लोगों ने उन्हें भावपूर्ण विदाई दी। मंचन देखने के लिए बड़ी संख्या में सरकारी महकमों के कर्मी भी पहुंचे थे।
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