कार्तिक शुक्लपक्ष षष्ठी पर जल में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। सूर्य को अर्घ्य देने के समय इस एक बात का ध्यान व्रतियों को जरूर रखना चाहिए। मान्यताओं के मुताबिक छठ महापर्व के दौरान पीतल से बने पात्र से ही अर्घ्य देना चाहिए। तांबे के पात्र से दूध का अर्घ्य नहीं देना चाहिए। वहीं, चांदी, स्टील, शीशा, और प्लास्टिक के पात्र वर्जित माने जाते हैं।