केदारनाथ में बाबा केदार के क्षेत्रपाल के रूप में पूजनीय भगवान भकुंट भैरवनाथ के कपाट विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर केदारनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को सुबह 5.30 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार दोपहर एक बजे केदारनाथ के मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग मंदिर कर्मचारियों व तीर्थपुरोहितों के साथ भैरवनाथ मंदिर पहुंचे। जहां पर मुख्य पुजारी एवं आचार्य ओंकार शुक्ला द्वारा क्षेत्रपाल भकुंट भैरवनाथ की पूजा-अर्चना की गई।
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इस दौरान आराध्य भकुंट भैरव अपने पश्वा अरविंद शुक्ला पर अवतरित हुए और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। इसके उपरांत आराध्य का श्रृंगार कर भोग लगाते हुए आरती के बाद दो बजे शीतकाल के लिए कपाट बंद कर दिए गए।
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इस मौके पर देवस्थानम बोर्ड के प्रशासनिक अधिकारी, मंदिर सुपरवाइजर युद्धवीर पुष्पवान, महावीर तिवारी, मृत्युंजय हीरेमठ, उमेद सिंह, सूरज सिंह, भोला सिंह कुंवर, जगदीश प्रसाद समेत तीर्थपुरोहित मौजूद थे।
देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश चंद गौड ने बताया कि केदारनाथ में भकुंट भैरवनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने के साथ ही बाबा केदार की सायंकालीन आरती परंपरानुसार बंद हो गई है।