पांच दिवसीय प्रकाशोत्सव के त्योहार का शुभारंभ 13 नवंबर शुक्रवार को धनतेरस से होगा। मान्यता है कि धनतेरस पर खरीदारी जरूर करनी चाहिए, फिर चाहें एक चम्मच ही खरीदें। कहा जाता है कि धन्वन्तरि देवता जब प्रकट हुए थे तो उनके हाथों में अमृत से भरा कलश था। इसलिए तब से इस अवसर पर बर्तन खरीदने की परंपरा है।
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- फोटो : फाइल फोटो
उत्तराखंड विद्वत सभा के प्रवक्ता ज्योतिषाचार्य विजेंद्र प्रसाद ममगाईं ने बताया कि 13 नवंबर को धनतेरस पर खरीदारी के लिए पहला मुहूर्त सुबह 7 से 10 बजे तक है। जबकि, दूसरा मुहूर्त दोपहर 1 से 2.30 बजे तक रहेगा। उन्होंने कहा कि शाम को 5.30 से 7.30 बजे तक दीपदान करें।
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- फोटो : फाइल फोटो
इस दिन बाजार से सोना-चांदी और बर्तन खरीदकर घर लाएं। धनतेरस पर सोना-चांदी के अलावा बाइक, कार, प्रॉपर्टी, इलेक्ट्रानिक्स आदि सामान खरीदना भी शुभ होता है। रात के समय घर के द्वार अथवा नजदीकी चौराहे पर दीपक भी जलाएं।
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
इस दिन भगवान धन्वन्तरि का पूजन किया जाना चाहिए। इसे कामेश्वरी जयंती भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन धन्वंतरि पूजन से कामनाएं पूरी होती है। कहा जाता है कि आभूषण और धातुओं में स्वर्ण की खरीदारी शुभ लग्न में करने से घर में लक्ष्मी का आगमन सदैव के लिए रहता है।
इस बार हनुमान जयंती भी इसी दिन है। इस दिन भगवान हनुमान के लिए लाल चोला और सिंदूर का दान करना बहुत ही लाभकारी होता है। मंगल दोष से मुक्ति पाने के लिए हनुमान जी का सम्पूर्ण श्रृंगार करवाएं।