रुद्रप्रयाग से लेकर केदारनाथ तक संचालित करीब एक हजार से अधिक होटल, लॉज, धर्मशाला ने इस यात्राकाल में 125 करोड़ से अधिक का कारोबार किया है, जबकि ढाबा व छोटे दुकानदारों द्वारा 4 लाख से 25 लाख तक आय अर्जित की गई है। सोनप्रयाग में पहाड़ी किचन ने यात्राकाल में एक करोड़ की आय अर्जित की।