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Chardham Yatra 2026: भूस्खलन, गड्ढे, धूल और अधूरे काम, 15 किमी का सफर लेगा अग्निपरीक्षा, देखें ग्राउंड रिपोर्ट

Sat, 04 Apr 2026 06:41 PM IST
Renu Saklani दीपक बिष्ट, संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग

सार

Char Dham Yatra Ground Repor: 12 सक्रिय लैंडस्लाइड जोन और क्षतिग्रस्त मार्ग चारधाम श्रद्धालुओं की मुश्किल बढ़ाएंगे। सिरोहबगड़ से खांखरा तक करीब 3 किमी में 4 सक्रिय भूस्खलन जोन हैं। यहां सड़क उबड़-खाबड़ है और गड्ढों से भरी हुई है
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चारधाम यात्रा ग्राउंड रिपोर्ट- संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल से बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने वाले हैं, लेकिन इससे पहले ही सिरोहबगड़ से रुद्रप्रयाग तक का 15 किमी सफर यात्रियों की अग्नि परीक्षा लेगा। सड़क मार्ग पर उड़ता धूल का गुबार नई चुनौती है। साढ़े पांच दशक से संवेदनशील बना सिरोहबगड़ इस बार भी यात्रियों की मुश्किलें बढ़ाने वाला है।

भूस्खलन जोन के ट्रीटमेंट के लिए 95.12 करोड़ की स्वीकृति मिलने के बावजूद अब तक टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। हालिया बारिश के बाद यहां सड़क पर मलबा और दलदल की स्थिति बनी है, जो यात्रा के दौरान फिर खतरा बनेगी। पास ही सड़क का पुश्ता भी ध्वस्त है। इसका निर्माण अभी तक शुरू नहीं हुआ है।

सिरोहबगड़ से खांखरा तक करीब 3 किमी में 4 सक्रिय भूस्खलन जोन हैं। यहां सड़क उबड़-खाबड़ है और गड्ढों से भरी हुई है। खांखरा से नौगांव के बीच निर्माणाधीन बाईपास कार्य अधूरा है और पहाड़ी कटान जारी है। नौगांव से नरकोटा तक 7 सक्रिय भूस्खलन जोन हर साल की तरह इस बार भी खतरा बने हुए हैं। नरकोटा सिग्नेचर ब्रिज के पास नया भूस्खलन जोन बन गया है, जहां लगातार बोल्डर गिर रहे हैं और इसका समाधान नहीं किया गया है।
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12 सक्रिय लैंडस्लाइड जोन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नरकोटा से रुद्रप्रयाग के बीच सिग्नेचर ब्रिज का करीब 500 मीटर हिस्सा 2024 से क्षतिग्रस्त है और निर्माण कार्य बंद पड़ा है। सड़क पर पड़ी निर्माण सामग्री के कारण मार्ग संकरा हो गया है। लगातार जाम की स्थिति बन रही है। नरकोटा और नौगांव के बीच अक्सर सड़क दुर्घटना हो रही हैं। इसके बावजूद सड़क दुरुस्त नहीं है।

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भूस्खलन, गड्ढे, धूल और अधूरे काम. - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूरे मार्ग पर कई जगह क्रैश बैरियर टूटे हैं, रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड नहीं हैं। वहीं रैतौली नगर पालिका ट्रेचिंग ग्राउंड के पास क्रैश बैरियर क्षतिग्रस्त है। गुलाबराय और पेट्रोल पंप क्षेत्र में स्लोप ट्रीटमेंट धीमी गति से चल रहा है और सड़क के किनारे मलबा पड़ा है। तिलणी के पास पुल निर्माण स्थल पर बारिश का पानी सड़क पर जमा हो रहा है। सुमेरपुर तक मार्ग ठीक है, लेकिन सुमेरपुर से रतूड़ा तक सड़क बदहाल है और कीचड़ और फिसलन है। रतूड़ा पुलिस लाइन से आगे भी सड़क दुरुस्त नहीं है। वहीं घोलतीर-मरोड़ा के पास भी सड़क धंसी है और गड्ढे बने हैं जिनसे सड़क पर दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। बदहाल है और गड्ढे दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। इनके अलावा नालियां चोक हैं जिनसे बारिश में पानी राजमार्ग पर जमा हो रहा है। कई जगह सड़क किनारे पड़े मलबे और निर्माणाधीन पुलों की सामग्रियों से मार्ग संकरा हो गया है।
 

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सड़क मार्ग पर उड़ता धूल का गुबार नई चुनौती - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुविधाएं भी सीमित
सुमेरपुर से नरकोटा तक 14 सार्वजनिक शौचालय हैं, लेकिन नरकोटा से सिरोहबगड़ के बीच कोई सुविधा नहीं है। सुमेरपुर से नागरसू-घोलतीर तक भी केवल दो शौचालय हैं। स्वास्थ्य सुविधा के लिए सिर्फ जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग और पीएचसी घोलतीर ही उपलब्ध हैं। एटीएम सुविधा भी मुख्यालय तक सीमित है। पेयजल भी रैतोली, गुलाबराय, मुख्यबाजार, शिवनंदी और घोलतीर में मौजूद है।

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ड़क पर मलबा और दलदल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सड़क किनारे फैली है गंदगी
सिरोहबगड़ से नगरासू तक सड़क किनारे कहीं होटल मालिकों ने गंदगी फैलाई है तो कहीं जिला पंचायत की अनदेखी के कारण कूड़े का ढेर जमा है जो सड़क में फैल रहा है। सिरोहबगड़ खाखरा की चढ़ाई पर ढलान पर गंदगी फैली है। घोलतीर - नागरासू बैंड पर भी सड़क पर ही गंदगी का अंबार लगा है।
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