फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kedarnath Dham: भाई दूज पर ही क्यों बंद होते हैं केदारनाथ धाम के कपाट? महाभारत और पांडवों से जुड़ी है मान्यता

Wed, 26 Oct 2022 07:22 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
विज्ञापन
1 of 5
फूलों से सजा केदारनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
भाई दूज के मौके पर शीतकाल के लिए भगवान केदारनाथ धाम के कपाट गुरुवार सुबह 8:30 बजे बंद किए जाएंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि केदारनाथ धाम के कपाट भाई दूज के मौके पर ही क्यों बंद होते हैं? नहीं तो चलिए जानते हैं कि इसकी क्या मान्यता है। दरअसल, केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने की मान्यता महाभारत और पांडवों से जुड़ी है। 

Kedarnath: स्वर्णमंडित हुईं केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की दीवारें, 550 सोने की परतों से दिया भव्य रूप, तस्वीरें

कहा जाता है कि द्वापर युग में महाभारत के युद्घ के उपरांत पांडव द्रोपदी के साथ हिमालय दर्शन के लिए गए थे। तब, उन्होंने केदारनाथ में भगवान शिव के मंदिर का निर्माण किया और भाई दूज के दिन अपने पित्रों का तर्पण दिया और उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति हुई थी।

Gangotri Dham: जयकारों से गूंजा मां गंगा का धाम, कपाट बंद होने पर पहुंचे हजारों तीर्थयात्री, तस्वीरें
विज्ञापन

2 of 5
केदारनाथ - फोटो : अमर उजाला
मान्यता है कि भाई दूज दिवाली का अंतिम पर्व है और इसके बाद ठंड भी बढ़ जाती है जिससे हिमालय क्षेत्र में रहना संभव नहीं है। इसलिए, भाई दूज पर केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। गुरुवार को कपाट बंद होने के बाद 29 अक्तूबर को डोली अपने शीतकालीन पूजा गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान होगी।
विज्ञापन

3 of 5
केदारनाथ धाम के कपाट बंद होन की प्रक्रिया शुरू - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले बुधवार को केदारनाथ में बाबा केदार की पंचमुखी भोगमूर्ति को चल उत्सव विग्रह डोली में विराजमान कर भंडारगृह से मंदिर के सभामंडप में विराजमान किया गया। गुरुवार को तड़के चार बजे से मुख्य पुजारी टी गंगाधर लिंग द्वारा केदारनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना शुरू होगी।

4 of 5
केदारनाथ पहुंचे बाल भक्त - फोटो : अमर उजाला
साथ ही स्वयंभू ज्योतिर्लिंग को समाधि रूप देते हुए भष्म से ढक दिया जाएगा। इस मौके पर बाबा केदार की पंचमुखी भोग मूर्ति का श्रृंगार कर चल विग्रह उत्सव डोली में विराजमान किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
केदारनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
अन्य धार्मिक औपचारिकताओं को पूरा करते हुए प्रशासन व बीकेटीसी के अधिकारियों की मौजूदगी में मंदिर के कपाट बंद कर चाभी एसडीएम ऊखीमठ को सौंप दी जाएगी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें