साल 2013 में हुई आपदा के बाद भगवान शिव की नगरी में जमकर धनवर्षा हुई है। चार धाम यात्रा में इसके चलते पिछले पांच साल का रिकॉर्ड टूट गया है।
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पैसा
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जानकारी के मुताबिक इस वर्ष चार माह के भीतर चारों धाम की आय करीब 21 करोड़ पार कर गई। वहीं अभी धामों के कपाट बंद होने में डेढ़ माह का वक्त है। ऐसे में आय का आंकड़ा 30 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
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kedarnath
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बता दें कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के बाद जब 28 अप्रैल को गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट खुलने के बाद चारधाम यात्रा ने मई में रफ्तार पकड़ी। 2013 की आपदा के बाद यहां श्रद्धालुओं की उपस्थिति के अलावा आय भी बुरी तरह प्रभावित हो गई थी। मंदिर समितियों के लिए रख-रखाव और पूजा-पाठ के खर्चे निकालना भी मुश्किल हो गया था।
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3 may pm modi visit in kedarnath
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वहीं इस बार चारों धाम में जुटी भीड़ ने धामों की रौनक लौटा दी। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिर में इस वर्ष विभिन्न स्रोतों से करीब 21 करोड़ 50 लाख रुपये की धनराशि पहुंची है। आय बढ़ने से मंदिर समितियों के पदाधिकारियों के चेहरे खिले हुए हैं।
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gangotri dhaam
- फोटो : amarujala
आय बढ़ने से मंदिरों के रुके हुए निर्माण कार्य पूरे होने के साथ ही आपदा से प्रभावित हुई मंदिरों की जरूरी सुविधाओं में सुधार की उम्मीदें लगाई जा रही हैं। मंदिर समितियां भी श्रद्धालुओं के हितों से जुड़ी योजनाओं पर काम करने की तैयारी में जुट गई हैं।
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यमुनोत्री धाम
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बता दें कि अभी गंगोत्री धाम 20 अक्तूबर, यमुनोत्री धाम 21 अक्तूबर , केदारनाथ 21 अक्तूबर और बदरीनाथ 15 नवंबर तक कपाट बंद होंगे। ऐसे में आय अभी और भी बढ़ेगी। श्रीबदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफे से धामों की आय में बढ़ोत्तरी हुई है। आपदा के बाद अब जाकर अच्छी आय हुई है। इससे काफी हद तक समिति पूर्व में हुए नुकसान की भरपाई कर सकेगी।