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2021 के कुंभ से पहले हरिद्वार के इस अद्भुत मंदिर में होंगे चार धामों के दर्शन, तस्वीरों में देखें...

Fri, 28 Dec 2018 08:30 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal राजेश शर्मा / अमर उजाला, हरिद्वार
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चार धाम यात्रा
चारधाम की यात्रा पर जाने से वंचित रहने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। जो लोग किन्हीं भी कारणों से चारधाम नहीं जा पाते है अब उन्हें हरिद्वार में ही चारों धाम के दर्शन होंगे।
 
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char dham - फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार की प्रमुख अध्यात्मिक संस्था भूमाशक्ति पीठ की तरफ से चार धामों गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के मंदिरों के प्रतिरूप हरिद्वार में बनाया जा रहा है। मंदिर निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। योजना है कि 2021 में हरिद्वार में होने वाले महाकुंभ से पहले ये चारों मंदिर बनकर तैयार हो जाएंगे।  

 
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char dham
भूमाशक्ति पीठ का एक विशाल परिसर हरिपुर कलां में अदभुत मंदिर के नाम से है, जहां इस समय भगवान शंकर और पार्वती के भव्य मंदिर के साथ साथ 108 गणेश प्रतिमाएं स्थापित हैं। अजंता एलोरा की गुफाओं की तरह कलाकृतियां और नगों, स्फटिक आदि की मालाओं का भी यहां बड़ा भंडार है। इसी परिसर में भूमाशक्ति पीठ की ओर से चारों धामों के मंदिरों के प्रतिरूप बनाए जा रहे हैं।

 

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char dham
बाकायदा पहाड़, नदी और अन्य परिवेश बनाकर चार धाम का हूबहू प्रतिमूर्ति बनाने की योजना है। भूमाशक्ति पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज ने बताया कि मंदिर निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। खासतौर पर ऐसे श्रद्धालु जो स्वास्थ्य आदि के चलते चारधाम नहीं जा पाते है, वे यहीं दर्शन कर सकेंगे। कपाट बंद हो जाने के बाद भी जो श्रद्धालु इन चारों धामों में नहीं जा पाते वे यहां दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि कुंभ से पूर्व इस मंदिर को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाने की योजना है।  
 
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vaishno devi mandir
कटरा जम्मू स्थित माता वैष्णोदेवी मंदिर का प्रतिरूप लाल माता वैष्णो देवी मंदिर के नाम से सप्तसरोवर मार्ग पर स्थित है। बाकायदा वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर बनाए गए इस मंदिर में गुफा से होते हुए माता के दरबार में पहुंचते हैं तो उन्हें कटरा स्थित मौलिक मंदिर में जाने का ही आभास होता है। मंदिर के प्रबंधक भक्त दुर्गादास ने बताया कि वर्ष 1993 में भव्य मंदिर का निर्माण किया गया है। हर साल यहां भारी तादाद में श्रद्धालु वैष्णो देवी माता के दर्शन करने आते हैं। जो सामाजिक गतिविधियों में भी यह संस्था सक्रिय रहती है। नवरात्रों में यहां श्रद्घालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। 
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