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आखिर क्यों करोड़ों की संपत्ति के वारिस इकलौते बेटे ने की मां की हत्या, इस सवाल से हर कोई हैरान

Wed, 26 Feb 2020 01:29 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal प्रदीप चौधरी/ मनीष त्रिपाठी, अमर उजाला, विकासनगर

सार

  • देवभूमि इस्ट्टीयूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पासआउट जय के पास नहीं थी पैसों की कमी
  • आंखों से छलकते आंसू और रूंधे गले से बहन ममता ने बताई दास्तां 
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- फोटो : अमर उजाला
जय पंडित ने आखिर क्यों अपनी मां की हत्या करने के बाद खुद की जीवन लीला समाप्त करने का कदम उठाया? यह प्रश्न हर किसी के मन में कौंध रहा है। परिवार के सदस्य भी इसे लेकर हैरान हैं। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों के साथ ही मनोचिकित्सक का भी मानना है कि क्रोध, कुंठा और नशे के कारण ही जय पंडित ने ऐसा कदम उठाया। जानकारी के अनुसार जय पंडित के पिता रिटायर्ड अधिकारी थे। उनकी करोड़ों की संपत्ति है।
 
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- फोटो : अमर उजाला
बेलोवाला में फार्महाउस के साथ ही 28 कमरों का हॉस्टल और डेयरी है। वर्ष 2015 में देवभूमि इस्ट्टीयूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पासआउट जय के पास पैसों की कोई कमी नहीं थी। जय ने बीबीएचआर का कोर्स किया था। वह चार बहनों का एकलौता भाई था और सबसे छोटा होने के चलते सभी का लाडला था। उसने दोस्त अंकित श्रीवास्तव को अपने साथ बिजनेस करने के लिए बुलाया था। दोनों की डूंगा गांव में सीमेंट सरिए का काम शुरू करने की योजना थी।
 
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- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में प्यार-दुलार और ऐशो आराम की जिंदगी के बीच वह नशे में डूब गया। सीओ भूपेंद्र धोनी ने बताया कि नशे की लत के चलते जय को दो माह के लिए राजपुर रोड स्थित एक नशामुक्ति केंद्र में भी भर्ती कराया गया था। वहीं, एसपी देहात परमेंदर डोभाल का कहना है कि संभवत: नशे के कारण जय मानसिक संतुलन खो बैठा और कुंठा में आकर उसने यह सब कर डाला। मनोचिकित्सक डॉ. जेएस बिष्ट का कहना है कि नशे का आदी व्यक्ति कई बार रिश्ते और संबंधों को प्राथमिकता नहीं देता, उसकी पहली प्राथमिकता नशा होता है। पैरेंट्स द्वारा मना करने पर वह क्रोध में आ जाता है। क्षणिक पागलपन में वह सारी हदें तोड़ जाता है।

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- फोटो : अमर उजाला
सालगिरह मनाने की तैयारी में जुटी बड़ी बहन ममता को गहरा सदमा लगा है। वह बार-बार एक ही सवाल कर रही थीं कि आखिर भाई ने ऐसा क्यों किया। जय पंडित की सबसे बड़ी बहन ममता की 25 फरवरी को शादी की 16वीं सालगिराह थी। उसका ससुराल पटेलनगर देहरादून में है। इसे यादगार बनाने के लिए वह कई दिनों से तैयारी में जुटी थी, लेकिन सालगिरह का दिन ममता को जीवनभर का जख्म दे गया। आंखों से छलकते आंसू और रूंधे गले से ममता ने बताया कि पूरे साल उसे इस दिन का इंतजार था। उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि 25 फरवरी ऐसी आएगी।
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- फोटो : अमर उजाला
ममता की बीते सोमवार की शाम को ही फोन पर भाई जय के साथ ही मां से अलग-अलग बात हुई थी। ममता ने बताया कि भाई और मां को पिता की पेंशन के कागज ठीक कराने के लिए मंगलवार को चंडीगढ़ जाना था। ममता ने बताया कि कमरे में बंद जय के दोस्त अंकित ने फोन कर गोली चलने की बात बताई। इसके बाद वह दौड़ी-दौड़ी बेलावाला पहुंची। भाई और मां का शव देख वह बिलख-बिलख कर रोने लगी। जय के इस कदम से वह भी अचंभित है। उनके मन में भी बस यही सवाल बार-बार कौंध रहा है कि आखिर भाई ने ऐसा क्यों किया?
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