ऐसे में प्यार-दुलार और ऐशो आराम की जिंदगी के बीच वह नशे में डूब गया। सीओ भूपेंद्र धोनी ने बताया कि नशे की लत के चलते जय को दो माह के लिए राजपुर रोड स्थित एक नशामुक्ति केंद्र में भी भर्ती कराया गया था। वहीं, एसपी देहात परमेंदर डोभाल का कहना है कि संभवत: नशे के कारण जय मानसिक संतुलन खो बैठा और कुंठा में आकर उसने यह सब कर डाला। मनोचिकित्सक डॉ. जेएस बिष्ट का कहना है कि नशे का आदी व्यक्ति कई बार रिश्ते और संबंधों को प्राथमिकता नहीं देता, उसकी पहली प्राथमिकता नशा होता है। पैरेंट्स द्वारा मना करने पर वह क्रोध में आ जाता है। क्षणिक पागलपन में वह सारी हदें तोड़ जाता है।