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सबके दिलों पर राज करने वाले 'मिस्टर कूल' के इंतजार में है उनका गांव

Wed, 13 Dec 2017 06:54 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
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व‌िश्व क्रिकेट के जगमागते स‌ितारे और सबके द‌िलों पर राज करने वाले महेंद्र स‌िंह धोनी आईसीसी चैंप‌ियंस ट्राफी 2017 में हॉट प्लेयर के रूप में खेलने के ल‌िए मैदान में उतरे हैं। लेक‌िन उनके अपने कुछ खास लोग आज भी उनका इंतजार में पलके ब‌िछाएं बैठे हैं।
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ये लोग हैं उत्तराखंड के अल्मोड़ा स्‍थ‌ित उनके पैतृक गाँव में रह रहे उनके चाचा-चाची, भाई, र‌िश्तेदार और गांव के लोग। उनके गांव लावली के लोग उनके हर मैच को बहुत शौक से देखते हैं और उनके आने की आस लगाते हैं। 
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दरअसल, आज कल सोशल मीड‌िया पर वायरल हो रहे एक वीड‌ियो में इस तरह की बातें सामने आ रही है। बताया जाता है क‌ि उनके माता पिता पान सिंह रांची में मेकोन कंपनी के जूनियर मैनेजमेंट वर्ग में काम करने लगे। इसके बाद धोनी का जन्म वहीं हुआ। इसके चलते धोनी खुद को रांची का ही बताते हैं। 

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वीड‌ियो के मुताब‌िक उनके गांव के करीबी क‌िशन नेगी ने बताया क‌ि वे 2003 में अपने गांव लावली आए‌ थे और उनका यज्ञोपव‌ित संस्कार हुआ था। इसके बाद वे यहां कभी नहीं आए। हालांक‌ि उनके गांव के लोग इस बात से खासा नाराज हैं क‌ि धोनी का पैतृक घर उत्तराखंड में होने के बाद भी वे कभी खुद को उत्तराखंड न‌िवासी नहीं बताते हैं। लेक‌िन फ‌िर भी उनके गांव के लोग उनके आने की बाट देख रहे हैं।
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हालांक‌ि जब धानी की फ‌िल्म एमएस धोनी द‌ि अनटोल्ड स्टोरी ‌रील‌िज हुई तो उसमें भी कई चीजें नदारद थी। यह 2011 के व‌िश्व कप तक के सफ‌िर पर बनी है। ज‌िसमें उनके बड़े भाई नरेंद्र स‌िंह धोनी का कहीं ज‌िक्र नहीं था। यहां तक क‌ि इसमें स‌िर्फ उनके प‌िता के दो ही बच्चे द‌िखाई गए थे। तब से उनके भाई चर्चाओं में आए ‌थे। 
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बता दें क‌ि उनकी कप्तानी में भारत ने28 साल बाद एक दिवसीय क्रिकेट विश्व कप में दोबारा जीत हासिल की थी। सन् 2013 मे इनकी कप्तानी मे भारत पहली बार चैम्पियंस ट्रॉफी का विजेता बना।
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धोनी दुनिया के पहले ऐसे कप्तान बन गये जिनके पास आईसीसी के सभी कप है। इन्होंने 2014 में टेस्ट क्रिकेट को कप्तानी के साथ अलविदा कह दिया था।
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