फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आधार के लिए 35 साल के दिव्यांग बेटे को 70 साल के पिता ने पीठपर ढोकर तय किया 70 किमी सफर

Wed, 13 Dec 2017 06:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, तिलवाड़ा
विज्ञापन
1 of 6
aadhar
आधार कार्ड बनवाने को लेकर इस बुजुर्ग की कहानी आपकी आंखे नम कर देंगी...

 
विज्ञापन

2 of 6
aadhar
जखोली ब्लाक के दुर्गम घंघासु बांगर क्षेत्र के 70 वर्षीय बुजुर्ग अपने दिव्यांग बेटे का आधार कार्ड बनाने के लिए उसे पीठ पर लादकर 70 किमी का सफर तय कर रुद्रप्रयाग पहुंचा। अब, कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उम्मीद है कि अगले माह से दिव्यांग को पेंशन मिलने लगेगी।


 
विज्ञापन

3 of 6
आधार कार्ड
घंघासू-बांगार के श्याम सिंह रावत का 35 वर्षीय पुत्र लूला सिंह बचपन से दिव्यांग है। उसे समाज कल्याण विभाग की ओर से पेंशन मिलती है। लेकिन आधार कार्ड न होने से  कई माह से पेंशन नहीं मिल पाई है। गांव सहित ब्लाक मुख्यालय जखोली में भी आधार कार्ड बनाने की कोई व्यवस्था नहीं है।

 

4 of 6
AADHAR
ऐसे में बुजुर्ग पिता अपने दिव्यांग बेटे को पीठ पर लादकर स्वयं रुद्रप्रयाग आ पहुंचा। 70 किमी के सफर में वे कई मील पैदल भी चले। बाजारों में भी एक वाहन से दूसरे वाहन में सवार होने के लिए बुजुर्ग बेटे को पीठ पर ले जाता रहा। लेकिन यहां भी उनका आधार कार्ड नहीं बन पाया।


 
विज्ञापन

5 of 6
aadhar card
बुजुर्ग ने बताया कि जरूरतमंदों को सुविधाएं देने के तमाम दावे हो रहे हैं। बताया कि उनका दिव्यांग बेटा घर में भी एक जगह पर बैठा रहता है। खाना खिलाने व नहलाने के लिए एक व्यक्ति को उसके साथ रहना पड़ता है। रावत का कहना है कि दिव्यांगों सहित अन्य जरूरतमंदों को के आधार कार्ड, पेन कार्ड व फोटो पहचान बनाने के लिए दूरस्थ गांव व कस्बों में शिविर लगाने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
pensioners
साथ ही दिव्यांग का समय-समय पर स्वास्थ्य जांच भी होनी चाहिए, जिससे वे अपनी उम्र जी सके। इधर, समाज कल्याण अधिकारी बीएस रावत ने बताया कि पेंशन भुगतान के लिए वर्ष में एक बार पेंशनर का सत्यापन जरूरी है। इसलिए आधार कार्ड मांगे जा रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें