फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: कर्णप्रयाग में दरारों से फटी दीवारें देख डीएम भी हुए हैरान, कभी भी गिर सकते हैं 28 मकान, तस्वीरें

Sun, 19 Feb 2023 08:47 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, कर्णप्रयाग(चमोली)
विज्ञापन
1 of 5
कर्णप्रयाग में घरों में पड़ी दरारें - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में भी अब जोशीमठ जैसे हालात होते जा रहे हैं। भू-धंसाव से यहां के कई घरों में इतनी दरारें आई हैं कि अफसर भी हैरान हैं। रविवार को प्रभावित क्षेत्र बहुगुणानगर, सुभाषनगर व अपर बाजार का डीएम हिमांशु खुराना, एसडीएम हिमांशु कफलिटया, विधायक अनिल नौटियाल व आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी ने निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम बहुगुणानगर में मकानों की दीवारों पर पड़ी मोटी दरारें देखकर दंग रह गए।

Joshimath: इतिहास बने शहर के दो आलीशान होटल...जिन घरों की सुरक्षा के लिए किए ध्वस्त वो ही हो गए जर्जर

उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या वे इन्हीं मकानों में रह रहे हैं। इस पर लोगों ने डीएम को रुंधे गले से अपनी व्यथा बताई और भू-धंसाव से सुरक्षा के इंतजाम करने की गुहार लगाई। इस पर डीएम ने प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने, क्रकोमीटर लगाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन

2 of 5
कर्णप्रयाग में भू धंसाव से घरों में दरारें - फोटो : अमर उजाला
बहुगुणानगर, आईटीआई, सुभाषगर, अपर बाजार में पिछले साल बरसात के दौरान भू-धंसाव शुरू हुआ था। इस पर वहां के लोगों ने सीएम, डीएम, एसडीएम से भू-धंसाव वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के उपाय करने की गुहार लगाई थी लेकिन उनकी मांग को अनसुना किया गया।
विज्ञापन

3 of 5
कर्णप्रयाग में भू धंसाव से घरों में दरारें - फोटो : अमर उजाला
नतीजतन बहुगुणानगर में भू-धंसाव का दायरा बढ़ता गया। अब स्थिति यह है कि यहां के 28 मकान कभी भी गिर सकते हैं। रविवार को प्रशासन की टीम गांव पहुंची और यहां के मकान देखे। इन फटी दरारों को देखकर डीएम भी हैरान रह गए।

4 of 5
कर्णप्रयाग में भू धंसाव से घरों में दरारें - फोटो : अमर उजाला
इस पर हरेंद्र बिष्ट, भगवती सती आदि ने कहा कि प्रभावित लोग इन्हीं दरार युुक्त मकानों में रहने के लिए मजबूर हैं। डीएम ने कहा कि भू-धंसाव के कारण जिन भवनों में अत्यधिक दरारें आ गई हैं, उनको खाली कर वहां रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रभावितों से बात करते डीएम - फोटो : अमर उजाला
जो लोग किराए पर जाना चाहते हैं उन लोगों को छह महीने तक किराया भी दिया जाएगा। उन्होंने एसडीएम को भवनों में दरारों की मॉनिटरिंग के लिए क्रेकोमीटर लगाने और सर्वे टीम की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में भवनों के विस्तृत सर्वे के निर्देश दिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें