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Navratri 2018: चंडी रूप धारण कर यहां विराजमान हुई थी मां, मान्यता जानने के बाद दौड़े चलें आएंगे

Mon, 19 Mar 2018 07:29 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला/ देहरादून
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chandi devi mandir haridwar
मां दुर्गा चंडी रूप में इस मंदिर में विराजमान हुई थी। इस मंदिर की कहानी और मान्यता जानने के बाद आप भी यहां दौड़े चले आएंगे।
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chandi devi mandir haridwar
मां दुर्गा के नौ रूपों में से एक मां चंडिका के रूप के बारे में आइए हम आपको बताते है। हरिद्वार स्थित मां चंडी देवी का मंदिर बेहद खास है।
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मां दुर्गा - फोटो : SELF

चंडी देवी मंदिर नील पर्वत के शिखर पर स्थित है। यह प्रसद्धि शक्तिपीठ में से एक है। मान्यता है कि इस मंदिर का मूर्ति को महान संत आदि शंकराचार्य ने आठवीं शताब्दी में स्थापित किया था।

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maa durga
देवी चंडी को चण्डिका के नाम से भी जाना जाता है जो इस मंदिर की इष्टदेव है।
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मां दुर्गा
मां चण्डिका की उत्पत्ति की ऐसी है कि एक बार दानव राजा शुम्भ और निशुम्भ ने देवराज इंद्र के सिंहासन पर कब्ज़ा कर लिया था और देवताओ को स्वर्ग से निकाल दिया, जिसके बाद सभी ने मां का आह्वान किया। देवताओं की पुकार पर मां चंड़ी रूप धारण करती है।
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मां दुर्गा
मां चंडिका की सुंदरता को देख मोहित हुआ शुम्भ मां से शादी करने का प्रस्ताव रखता है। जब मां प्रस्ताव ठुकराती तो शुम्भ निशुम्भ मां चंडिका को मारने का प्रयास करते है। तभी मां उन दोनों को संघार कर देती है। दोनों असुरो को संघार करने के बाद मां चडिंका नील पर्वत के शिखर पर विश्राम करने पहुंचती है।
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मां दुर्गा
इसके बाद यहां पर एक मंदिर का निर्माण किया जाता है, जो मां चंडी देवी मंदिर के नाम से जाना जाता है। कहते है कि यहां आकर सच्चे मन से मां को पुकारे तो वह भक्त की पुकार जरूर सुनती है।

 
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