चैत्र नवरात्रि का पवित्र पर्व छह अप्रैल से शुरू हो गया है। नौ दिन तक मनाए जाने वाले इस धार्मिक पर्व के दौरान क्या करें और क्या न करें, इसे लेकर लोगों में असमंजस रहता है।
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आचार्य रमेश सेमवाल के मुताबिक नवरात्रि के नौ दिन माता के नौ रूपों को समर्पित होते हैं। व्रत का फल प्राप्त करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। आइए जानते हैं...
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- किसी के बारे में भूलकर भी बुरा न सोचें। अपनी बोली से किसी को दुख न पहुंचाए। न ही किसी के लिए कुछ बुरा करें।
- पूरे नौ दिन मांसाहार न करें। व्रत रखने वाले फलाहार खाएं, जो व्रत में न हों वो शाकाहार भोजन खाएं।
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तुलसी
- माता को मखाने का हलवा खिलाएं। प्रसाद में तुलसी के पत्ते का प्रयोग करें। पूजन में मां के विशेष मंत्रों व कवच का पाठ करें।
- नौ दिन का व्रत रखने वालों को नाखून, दाढ़ी-मूंछ और बाल नहीं कटवाने चाहिए।
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- नवरात्रि में कलश स्थापना, माता की चौकी का आयोजन और अखंड ज्योति जला रहे हैं तो घर खाली न छोड़ें।
- व्रत रखने वालों को काले कपड़े, बेल्ट, चप्पल-जूते, बैग आदी चमड़े की चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
- व्रत करने वाले खाने में कुट्टू का आटा, समारी के चावल, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना, सेंधा नमक, फल, आलू, मेवे, मूंगफली खा सकते हैं।
- नवरात्रि व्रत में दिन में नहीं सोना चाहिए। वहीं शारीरिक संबंध बनाने से भी व्रत का फल नहीं मिलता है।